पाकिस्तान नहीं मानता तो एक बार आरपार होना जरूरी: अन्ना हजारे

अमूमन अहिंसा की बात करने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे ने बुधवार को साफ कहा कि अगर पाकिस्तान नहीं मानता तो एक बार आरपार हो जाना चाहिए। वह यहां जम्मू के दशहरा ग्राउंड में पहली बार जनसभा को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से रूबरू थे।पाकिस्तान नहीं मानता तो एक बार आरपार होना जरूरी: अन्ना हजारे

इस दौरान पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर उल्लंघन और जवानों की शहादत के सवाल पर वह खुलकर बोले। हालांकि इससे पहले हालांकि उन्होंने लड़ाई को दोनों देशों के लिए ठीक  नहीं बताया। कहा कि इससे दोनों देशों के लोग तीस साल पीछे चले जाएंगे और हिंसा किसी समस्या का हल भी नहीं।

कहा कि, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान नहीं मानता तो उसे एक बार बार जवाब दिया ही जाना चाहिए। उन्होंने पाक की गोलाबारी में लगातार जवानों की शहादत पर भी दुख जताया। कहा कि अपने घर का आदमी मरता है तो कैसा दुख होता है, इसे केवल वही बता जा सकता है, जिसके घर का इंसान चला गया हो।

कहा कि लड़ाई में भी इतने आदमी नहीं मारे जाते, जितने कि अब तक सीजफायर उल्लंघन में मारे जा चुके हैं।

मूर्ति तोड़ना ठीक नहीं  

त्रिपुरा में लेनिन के बाद पेरियार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति भंजन के मामले में उनका कहना था मूर्ति तोड़ा जाना ठीक नहीं। भले काम करने वालों के ही पुतले लगाए जाते हैं। देश में अस्थिरता के माहौल संबंधी सवाल पर उन्होंने केंद्र में सत्तासीन सरकार पर निशाना साधा। कहा कि सब सत्ता केनशे में हैं। 

केजरीवाल जैसे लोग फायदा न उठा सकें 
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का उनका प्लेटफार्म प्रयोग कर आगे बढ़ जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि वह खुद भी किसी पक्ष या पार्टी से नहीं जुड़े हैं और न ही किसी और को अब यह इजाजत देंगे।

कहा कि केजरीवाल जैसे लोग अब फायदा न उठा सकें, इसके लिए सौ रुपये का बांड भरवाकर ही लोगों को मूवमेंट से जोड़ा जा रहा है। स्टैंप पेपर पर इस एफिडेविट में लिखा है कि वह भविष्य में किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगे। केवल जनसेवा करेंगे। बताया कि अब तक पांच हजार लोगों से यह बांड भरवाया जा चुका है। 

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