पाक आम चुनाव: पूर्व पीएम अब्बासी और इमरान खान के नामांकन पत्र खारिज

बड़े नेताओं को झटका देते हुए पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने इस्लामाबाद के एनए- 53 निर्वाचन क्षेत्र के लिए पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल-एन नेता शाहिद खाकान अब्बासी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान के नामांकन पत्र आज खारिज किए.बड़े नेताओं को झटका देते हुए पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने इस्लामाबाद के एनए- 53 निर्वाचन क्षेत्र के लिए पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल-एन नेता शाहिद खाकान अब्बासी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान के नामांकन पत्र आज खारिज किए.   डॉन अखबार की एक खबर के मुताबिक निर्वाचन अधिकारी ने एनए- 53 के लिए अब्बासी और उनके वैकल्पिक उम्मीदवार सरदार महताब के नामांकन पत्र खारिज कर दिए. दोनों उम्मीदवार आवश्यकता के अनुसार हलफनामा दायर करने में नाकाम रहे थे.   चुनाव अधिकारी के मुताबिक अब्बासी ने अपने दस्तावेजों के साथ टैक्स रिटर्न की जानकारी जमा नहीं की. उम्मीदवारों ने मंगलवार को चुनाव न्यायाधिकरण में फैसले को चुनौती देने की बात कही है. खान के नामांकन पत्र को भी पूरी जानकारी ना होने के चलते खारिज कर दिया गया.   ऐतिहासिक हैं ये चुनाव आपको बता दें की पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होने हैं. ये चुनाव इसलिए ऐतिहासिक हैं क्योंकि पिछली सरकार ऐसी दूसरी सरकार थी जिसने अपने पांच सालों का कार्यकाल पूरा किया था.   आपको मालूम होगा कि भारत और पाकिस्तान को एक साथ आज़ादी मिली थी. लेकिन एक तरफ जहां भारत में 1975 में तकरीबन 18 महीनों के लिए लगाई गई इमरजेंसी के अलावा हमेशा लोकतांत्रिक सरकार रही है. वहीं, पाकिस्तान में पिछली दो सरकारों को छोड़कर कोई भी लोकतांत्रिक सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई है.

डॉन अखबार की एक खबर के मुताबिक निर्वाचन अधिकारी ने एनए- 53 के लिए अब्बासी और उनके वैकल्पिक उम्मीदवार सरदार महताब के नामांकन पत्र खारिज कर दिए. दोनों उम्मीदवार आवश्यकता के अनुसार हलफनामा दायर करने में नाकाम रहे थे.

चुनाव अधिकारी के मुताबिक अब्बासी ने अपने दस्तावेजों के साथ टैक्स रिटर्न की जानकारी जमा नहीं की. उम्मीदवारों ने मंगलवार को चुनाव न्यायाधिकरण में फैसले को चुनौती देने की बात कही है. खान के नामांकन पत्र को भी पूरी जानकारी ना होने के चलते खारिज कर दिया गया.

ऐतिहासिक हैं ये चुनाव
आपको बता दें की पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होने हैं. ये चुनाव इसलिए ऐतिहासिक हैं क्योंकि पिछली सरकार ऐसी दूसरी सरकार थी जिसने अपने पांच सालों का कार्यकाल पूरा किया था.

आपको मालूम होगा कि भारत और पाकिस्तान को एक साथ आज़ादी मिली थी. लेकिन एक तरफ जहां भारत में 1975 में तकरीबन 18 महीनों के लिए लगाई गई इमरजेंसी के अलावा हमेशा लोकतांत्रिक सरकार रही है. वहीं, पाकिस्तान में पिछली दो सरकारों को छोड़कर कोई भी लोकतांत्रिक सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई है.

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