पाक की बढ़ीं मुसीबतें, अमेरिका ने सैन्य सुरक्षा राशि बंद करने को पेश किया विधेयक

अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में एक विधेयक पेश किया गया है। जिसमें पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य मदद को बंद करने का प्रस्ताव है। यह विधेयक इस वजह से पेश किया जा रहा है क्योंकि इस्लामाबाद सैन्य सहायता और इंटैलिजेंस को आतंकियों तक पहुंचाता है। बिल में कहा गया है कि इस राशि का इस्तेमाल अमेरिका के बुनियादी ढांचे को पुनः निर्दिष्ट (रीडायरेक्ट) करने में मदद करेगा।पाक की बढ़ीं मुसीबतें, अमेरिका ने सैन्य सुरक्षा राशि बंद करने को पेश किया विधेयकअमेरिकी सदन में सांसदों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान जानबूझकर बार बार आतंकियों की मदद कर रहा है, साथ ही उन्हें सुरक्षा भी मुहैया करा रहा है। 

बता दें कि कुछ दिन पहले ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने एक बड़े अमेरिकी जनरल को बताया था कि राष्ट्र विश्वासघात महसूस कर रहा है। उसे आलोचना झेलनी पड़ रही है कि वो आतंकवाद से लड़ने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है। जिसकी बुनियाद पर अमेरिका ने पाक को मिलने वाली 2 बिलियन डॉलर की सैन्य सहायता राशि को बंद कर दिया है।

 

बाजवा ने कहा था कि वो सैन्य सहायता को बहाल करने की मांग नहीं करेंगे। हमें उसकी जरुरत नहीं है लेकिन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उन्हें एक सम्माननीय मान्यता चाहिए। इस हफ्ते दो बार यूएस सेंट्रल कमांड के हेड जनरल जोसेफ एल वोटल और एक अमेरिकी सीनेटर ने बाजवा को दो बार फोन किया।

बाजवा ने एक बयान में कहा था कि सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने इस बात को दोहराया है कि पाकिस्तान मदद बहाली की मांग नहीं करेगा, लेकिन यह उम्मीद करता है कि क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे योगदान, बलिदान और संकल्प को सम्मान सहित स्वीकार किया जाए।

बाजवा ने बयान में यह भी कहा कि पाकिस्तान खुद को बलि का बकरा बनाए जाने के बावजूद भी पड़ोसी देश अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने की पहल का समर्थन करता रहेगा। हाल ही में अमेरिकी राष्टपति ने पाकिस्तान पर आतंकवाद के नाम पर धोखा देने और झूठ बोलने की वजह से बिलियन डॉलर की सहायता राशि को रोक दिया था। 

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