पाक ने अखबार डॉन पर लगाया बैन, मुंबई हमले पर छापा था नवाज का बयान

पाकिस्तान सरकार ने देश के सबसे पुराने अखबार डॉन को बैन कर दिया है। बीते दिनों पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने डॉन को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें मुंबई हमले को लेकर उनका बयान छापा गया था।पाकिस्तान सरकार ने देश के सबसे पुराने अखबार डॉन को बैन कर दिया है। बीते दिनों पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने डॉन को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें मुंबई हमले को लेकर उनका बयान छापा गया था।  नवाज शरीफ के इस इंटरव्यू के बाद पूरी दुनिया में पाकिस्तान की थू-थू हो रही थी। पाकिस्तान सरकार ने अब इस बदनामी के लिए डॉन को जिम्मेदार बताते हुए उसके वितरण पर रोक लगा दी है।  गौरतलब है कि डॉन को दिए इंटरव्यू में शरीफ ने कहा था कि मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तान और यहां के ही आतंकियों का हाथ था। इस खबर के प्रकाशित हो जाने के बाद दुनियाभर में पाकिस्तान की नापाक हरकत सामने आ गई थी।  सबसे बड़े ज्वालामुखी में हुआ विस्फोट, 30 हजार फीट तक उछला लावा  नवाज के कबूलनामे के बाद पाकिस्तान आर्मी में हड़कंप मच गया था। इसके बाद एक हाई लेवल मीटिंग में भी उनके इस बयान की निंदा की गई थी। मीडिया वॉचडॉग के मुताबिक, यह रोक पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के 2008 में हुए मुबंई हमलों पर दिए बयान को प्रकाशित करने के बाद लगाई गई है।  प्रेस की आजादी को बढ़ावा देने वाले गैर-सरकारी संगठन रिपोर्टर्स विथआउट बॉर्डर ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। बलूचिस्तान प्रांत के ज्यादातर हिस्सों, सिंध प्रांत के कई शहरों और सभी सैन्य छावनी में अखबार के वितरण पर रोक लगा दी गई है।

नवाज शरीफ के इस इंटरव्यू के बाद पूरी दुनिया में पाकिस्तान की थू-थू हो रही थी। पाकिस्तान सरकार ने अब इस बदनामी के लिए डॉन को जिम्मेदार बताते हुए उसके वितरण पर रोक लगा दी है।

गौरतलब है कि डॉन को दिए इंटरव्यू में शरीफ ने कहा था कि मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तान और यहां के ही आतंकियों का हाथ था। इस खबर के प्रकाशित हो जाने के बाद दुनियाभर में पाकिस्तान की नापाक हरकत सामने आ गई थी।

नवाज के कबूलनामे के बाद पाकिस्तान आर्मी में हड़कंप मच गया था। इसके बाद एक हाई लेवल मीटिंग में भी उनके इस बयान की निंदा की गई थी। मीडिया वॉचडॉग के मुताबिक, यह रोक पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के 2008 में हुए मुबंई हमलों पर दिए बयान को प्रकाशित करने के बाद लगाई गई है।

प्रेस की आजादी को बढ़ावा देने वाले गैर-सरकारी संगठन रिपोर्टर्स विथआउट बॉर्डर ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। बलूचिस्तान प्रांत के ज्यादातर हिस्सों, सिंध प्रांत के कई शहरों और सभी सैन्य छावनी में अखबार के वितरण पर रोक लगा दी गई है।

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