पानी की आग में जला औरंगाबाद, लगी धारा 144

दो समुदायों के बीच के झगडे ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में भीषण हिंसा का रूप ले लिया है और शहर में धारा 144 लगाने की नौबत आ गई है. इलाके में अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है. पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को एक झगड़े ने दोनों समुदायों के बीच हिंसक झड़प का रूप ले लिया. इसके बाद सांप्रदायिक हिंसा शहर के गांधीनगर, राजाबाजार और शाहगंज इलाकों में भी फैल गयी. हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई है. होइ 15 पुलिस कर्मी भी घायल हो गए है. पानी की आग में जला औरंगाबाद,

पुलिस के मुताबिक, पानी को लेकर हुई झड़प शुक्रवार की रात से बढ़ते बढ़ते जमकर पत्थरबाजी तक पाउच गई और फिर 50  दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. हिंसक झड़प में अब तक 25 लोग जख्मी हुए हैं, जिसमें 15 पुलिसकर्मी हैं. पुलिस के कई अधिकारी भी घायल हुए हैं. पुलिस ने दंगाइयों पर काबू पाने के लिए गोलीबारी भी की, जिसमें एक बच्चा घायल हुआ है. हिंसा पर काबू पाने के लिए औरंगाबाद के पुराने हिस्से में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है और धारा 144 लागू कर दी गई है.

पुलिस का कहना है कि अब तक यह पता नहीं चल सका है कि हिंसा किस बात को लेकर भड़की. कहा जा रहा है कि अवैध रूप से लगाई गई पानी की पाइप लाइन काटने में भेदभाव के चलते यह झगड़ा शुरू हुआ. वहीं व्यावसायिक वर्चस्व की बात भी सामने आ रही है.

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