पीएम मोदी ने कांग्रेस को दिलवाली नहीं डीलवाली पार्टी कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों में प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस को ‘डील पार्टी’ बताया, जिसे पूरे देश से उखाड़ा जा रहा है. मोदी ने कहा, “कांग्रेस न दिलवाली है और न दलितवाली ये पार्टी तो बस डीलवाली पार्टी है.” पीएम ने साथ ही कहा कि कोई भी इस पार्टी को नहीं बचा सकता. प्रधानमंत्री मोदी के बाद कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने भी उनपर पलटवार किया. पीएम के बयान पर आपत्ति जाहिर करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि किसी प्रधानमंत्री को ऐसे बयान देना शोभा नहीं देता. उन्हें इस तरह के शब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों में प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस को 'डील पार्टी' बताया, जिसे पूरे देश से उखाड़ा जा रहा है. मोदी ने कहा, "कांग्रेस न दिलवाली है और न दलितवाली ये पार्टी तो बस डीलवाली पार्टी है." पीएम ने साथ ही कहा कि कोई भी इस पार्टी को नहीं बचा सकता. प्रधानमंत्री मोदी के बाद कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने भी उनपर पलटवार किया. पीएम के बयान पर आपत्ति जाहिर करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि किसी प्रधानमंत्री को ऐसे बयान देना शोभा नहीं देता. उन्हें इस तरह के शब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए.  सिद्धारमैया ने कहा, "बतौर प्रधानमंत्री हम मोदी से गरिमायी और भद्र भाषा की उम्मीद करते हैं. लेकिन, रैलियों में मोदी जो भी कहते हैं, वो बीजेपी की भाषा होती है. कोई भी सभ्य व्यक्ति ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता. मोदी जिस तरह की भाषा में बात कर रहे हैं, वो एक प्रधानमंत्री की भाषा नहीं हो सकती."   रविवार को राज्य में मोदी की रैलियां हुई जिनमे मोदी ने कहा कि 'वोट बैंक की राजनीति' के लिए 'सुल्तानों की जयंतियां' मना रही है. मोदी का इशारा 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की याद में हर साल 10 नवंबर को 'टीपू जयंती' मनाने के सिद्धारमैया सरकार के फैसले की ओर था. रैली में पीएम मोदी ने कहा, "यहां के मुख्यमंत्री अपने सूटकेस में कैरेक्टर सर्टिफिकेट तैयार रखते हैं और किसी मंत्री पर आरोप लगने पर कैरेक्टर सर्टिफिकेट पर साइन कर देते हैं."

सिद्धारमैया ने कहा, “बतौर प्रधानमंत्री हम मोदी से गरिमायी और भद्र भाषा की उम्मीद करते हैं. लेकिन, रैलियों में मोदी जो भी कहते हैं, वो बीजेपी की भाषा होती है. कोई भी सभ्य व्यक्ति ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता. मोदी जिस तरह की भाषा में बात कर रहे हैं, वो एक प्रधानमंत्री की भाषा नहीं हो सकती.”

 रविवार को राज्य में मोदी की रैलियां हुई जिनमे मोदी ने कहा कि ‘वोट बैंक की राजनीति’ के लिए ‘सुल्तानों की जयंतियां’ मना रही है. मोदी का इशारा 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की याद में हर साल 10 नवंबर को ‘टीपू जयंती’ मनाने के सिद्धारमैया सरकार के फैसले की ओर था. रैली में पीएम मोदी ने कहा, “यहां के मुख्यमंत्री अपने सूटकेस में कैरेक्टर सर्टिफिकेट तैयार रखते हैं और किसी मंत्री पर आरोप लगने पर कैरेक्टर सर्टिफिकेट पर साइन कर देते हैं.”

You May Also Like

English News