पीसीएस 2018 के लिए ऑनलाइन आवेदन छह से, एसडीएम के 119 पद

सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा यानी पीसीएस परीक्षा 2018 के लिए यूपी पीएससी में ऑनलाइन आवेदन छह जुलाई से शुरू होंगे। कुल 831 पदों के लिए आवेदन करने की समय सीमा छह अगस्त तक रहेगी। इसमें 119 पद एसडीएम के हैं। आयोग इसका नोटिफिकेशन बुधवार को जारी करेगा। परीक्षा यूपीएससी के पैटर्न पर कराने के लिए आयोग ने कमर कस ली है। प्रारंभिक परीक्षा में पीसीएस और एसीएफ (सहायक वन संरक्षक) के पेपर एक साथ होंगे, जबकि इसकी मुख्य परीक्षा अलग-अलग होगी।सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा यानी पीसीएस परीक्षा 2018 के लिए यूपी पीएससी में ऑनलाइन आवेदन छह जुलाई से शुरू होंगे। कुल 831 पदों के लिए आवेदन करने की समय सीमा छह अगस्त तक रहेगी। इसमें 119 पद एसडीएम के हैं। आयोग इसका नोटिफिकेशन बुधवार को जारी करेगा। परीक्षा यूपीएससी के पैटर्न पर कराने के लिए आयोग ने कमर कस ली है। प्रारंभिक परीक्षा में पीसीएस और एसीएफ (सहायक वन संरक्षक) के पेपर एक साथ होंगे, जबकि इसकी मुख्य परीक्षा अलग-अलग होगी।   पीसीएस की 2018 सत्र की परीक्षा में कई बदलाव के निर्णय आयोग पहले ही ले चुका है। इसे पूरी तरह से यूपीएससी के पैटर्न पर कराने की योजना बनी है। जिसके तहत साक्षात्कार के नंबर 200 से घटाकर 100 कर दिए गए हैं। इस बदलाव से अब पीसीएस की मुख्य परीक्षा का महत्व बढ़ जाएगा। साथ ही साक्षात्कार की आड़ में अभ्यर्थियों को अधिक नंबर देकर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाए जाने की शिकायतों को पर भी विराम लगेगा।  इसके अलावा अब दो की बजाय वैकल्पिक विषय एक ही होगा। सामान्य अध्ययन के दो की जगह अब चार पेपर होंगे। प्रदेश में भाजपा की सरकार ने इस अहम निर्णय पर पहले ही अपनी मुहर लगा दी है, ताकि पीसीएस परीक्षा में पारदर्शिता रहे। गौरतलब है कि अभी तक पीसीएस परीक्षा में लिखित परीक्षा 1500 नंबर और की होती थी और साक्षात्कार 200 नंबर के होते थे।  –– ADVERTISEMENT ––     सीबीआइ का सामना करने से कतरा रहे पीसीएस 2015 के चयनित अफसर यह भी पढ़ें बदलाव के बाद लिखित परीक्षा तो 1500 अंकों की ही रहेगी लेकिन, साक्षात्कार में 100 नंबर घटा दिए जाने से चयन प्रक्रिया कुल 1600 नंबरों में पूरी की जाएगी। इस बार कई बदलाव के साथ यूपीएससी ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यूपीएससी से होने वाली आइएएस परीक्षा की तर्ज पर पीसीएस 2018 में भी दो अलग-अलग क्षेत्रों की प्रारंभिक परीक्षाएं एक साथ कराने की योजना तैयार की है। सचिव जगदीश ने बताया कि इसके तहत प्रारंभिक परीक्षा में पीसीएस के साथ सहायक वन संरक्षक का पेपर भी होगा। यानी प्रश्न पत्र एक ही आएगा जबकि मुख्य परीक्षा अलग-अलग होगी।

पीसीएस की 2018 सत्र की परीक्षा में कई बदलाव के निर्णय आयोग पहले ही ले चुका है। इसे पूरी तरह से यूपीएससी के पैटर्न पर कराने की योजना बनी है। जिसके तहत साक्षात्कार के नंबर 200 से घटाकर 100 कर दिए गए हैं। इस बदलाव से अब पीसीएस की मुख्य परीक्षा का महत्व बढ़ जाएगा। साथ ही साक्षात्कार की आड़ में अभ्यर्थियों को अधिक नंबर देकर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाए जाने की शिकायतों को पर भी विराम लगेगा।

इसके अलावा अब दो की बजाय वैकल्पिक विषय एक ही होगा। सामान्य अध्ययन के दो की जगह अब चार पेपर होंगे। प्रदेश में भाजपा की सरकार ने इस अहम निर्णय पर पहले ही अपनी मुहर लगा दी है, ताकि पीसीएस परीक्षा में पारदर्शिता रहे। गौरतलब है कि अभी तक पीसीएस परीक्षा में लिखित परीक्षा 1500 नंबर और की होती थी और साक्षात्कार 200 नंबर के होते थे।

 

 

बदलाव के बाद लिखित परीक्षा तो 1500 अंकों की ही रहेगी लेकिन, साक्षात्कार में 100 नंबर घटा दिए जाने से चयन प्रक्रिया कुल 1600 नंबरों में पूरी की जाएगी। इस बार कई बदलाव के साथ यूपीएससी ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यूपीएससी से होने वाली आइएएस परीक्षा की तर्ज पर पीसीएस 2018 में भी दो अलग-अलग क्षेत्रों की प्रारंभिक परीक्षाएं एक साथ कराने की योजना तैयार की है। सचिव जगदीश ने बताया कि इसके तहत प्रारंभिक परीक्षा में पीसीएस के साथ सहायक वन संरक्षक का पेपर भी होगा। यानी प्रश्न पत्र एक ही आएगा जबकि मुख्य परीक्षा अलग-अलग होगी।

 

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