पेपर लीक से नाराज छात्रों ने CBSE मुख्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, 25 लोगों से पूछताछ

सीबीएसई पेपर लीक से नाराज छात्रों ने शुक्रवार (30 मार्च) को प्रीत विहार स्थित सीबीएसई मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और मुख्य सड़क को जाम कर दिया. नाराज छात्रों की मांग है कि सभी विषयों की परीक्षा फिर से ली जाए, न कि सिर्फ उन विषयों के जिनके पर्चे लीक हुए थे. वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक होने और दोबारा परीक्षा कराए जाने की घोषणा से छात्रों के निशाने पर आईं सीबीएसई प्रमुख अनीता करवाल ने बीते 29 मार्च को कहा कि दो विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय छात्रों के हित में है और परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा शीघ्र की जाएगी. सीबीएसई प्रमुख का यह बयान बीते 28 मार्च को परिपत्र जारी होने के बाद आया है. इसमें कहा गया था कि छात्रों को 10वीं की गणित की तथा 12वीं की अर्थशास्त्र की परीक्षा दोबारा देनी होगी. पेपर लीक से नाराज छात्रों ने CBSE मुख्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, 25 लोगों से पूछताछदोबारा परीक्षा लेने की घोषणा जल्द
अनीता ने  कहा, ‘‘हमने पूरी निष्पक्षता के साथ यह निर्णय छात्रों के हित में लिया है. बहुत जल्द हम तारीखों (दोबारा परीक्षा लेने की) की घोषणा करेंगे. आगे भी कोई निर्णय छात्रों के हित में ही लिया जाएगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों को किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है. हम उनके साथ हैं.’’

दिल्ली पुलिस ने 25 लोगों से पूछताछ की
दिल्ली पुलिस ने बताया कि अपराध शाखा ने सीबीएसई की परीक्षा में प्रश्नपत्रों के कथित तौर पर लीक होने के मामले में एक कोचिंग सेंटर के मालिक, 18 छात्रों और कुछ निजी शिक्षकों सहित 25 लोगों से पूछताछ की है. पुलिस ने बताया कि सीबीएसई ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसे 10 वीं कक्षा के गणित विषय की परीक्षा के एक दिन पहले एक ई-मेल मिला जिसमें प्रश्नपत्र के लीक होने का दावा किया गया था. कथित प्रश्नपत्र लीक के बारे में उसी दिन नियंत्रण कक्ष में पुलिस को भी एक कॉल आयी थी.

दसवीं बोर्ड की गणित की परीक्षा 28 मार्च और बारहवीं बोर्ड की अर्थशास्त्र की परीक्षा 26 मार्च को हुई थी. अधिकारी ने कहा, ‘यह पता चला है कि परीक्षा की तय तिथियों से पहले ही दोनों प्रश्नपत्र लीक हुआ और कुछ ट्यूटर और छात्रों के बीच व्हाट्सएप पर इसका आदान-प्रदान और वितरण हुआ. जिन लोगों से पूछताछ की गई है उनमें कॉलेज के सात छात्रों सहित 18 छात्र, पांच ट्यूटर और दो अन्य लोग हैं.’ 

इससे पहले कांग्रेस ने सीबीएसई की दसवीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा पत्र लीक होने के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार पर देश की युवा शक्ति के भविष्य को अंधकार में डालने का आरोप लगाते हुए गुरुवार (29 मार्च) को मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर एवं सीबीएसई अध्यक्ष अनीता कारवाल के इस्तीफे की मांग की. पार्टी ने इस मामले की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने की भी मांग की है. कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश की युवा शक्ति पर ग्रहण लगाने पर तुली है और उसके भविष्य को अंधकारमय बना रही है. उन्होंने कहा कि सबसे शर्मनाक बात यह कि अब तो देश के भविष्य को भी चुराया जा रहा है.

पेपर लीक मामले में 2 मामले दर्ज
अपराध शाखा के विशेष आयुक्त आर पी उपाध्याय और अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से बुधवार (28 मार्च) शाम आगे की जांच पर चर्चा की. दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी करके कहा कि सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक की शिकायत पर उन्होंने दो मामले दर्ज किए हैं. पहला मामला अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के संबंध में मंगलवार (27 मार्च) दर्ज किया था, वहीं 10वीं का पेपर लीक होने का मामला बुधवार (28 मार्च) को दर्ज किया गया.

ये मामले धोखाधड़ी (420), आपराधिक षडयंत्र (120बी) और आपराधिक विश्वासघात (406) के आरोप में दर्ज किए गए हैं. मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है जिसमें दो पुलिस उपायुक्त, चार सहायक पुलिस आयुक्त और पांच निरीक्षक शामिल हैं. यह दल संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) की निगरानी में काम करेगा.

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