प्रत्याशियों की मनमानी अब सोशल मीडिया पर भी नहीं चलेगी

चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर मनमानी नहीं चलेगी। अगर किसी मैसेजचुनाव के दौरान हुआ तो खर्च पार्टी के खाते में और अगर प्रत्याशी के बारे में प्रचार हुआ तो खर्च प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा। साथ ही, आपत्तिजनक, लालच देने वाले संदेश भेजने पर भी कार्रवाई होगी। मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटी ने अभी से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर नजर रखना चालू कर दिया है।

 

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कानपुर एक्सपेंडीचर मॉनीटरिंग सेल के नोडल अफसर/ मुख्य कोषाधिकारी शिव सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया का खर्च भी प्रत्याशी और पार्टी के खाते में जोड़ने के चुनाव आयोग के फैसले के कारण ही नामांकन के समय पहली बार प्रत्याशियों को सोशल मीडिया के एकाउंट के बारे में भी बताना होगा। नामांकन के बाद से प्रत्याशियों के सोशल मीडिया एकाउंट की निगरानी शुरू कर दी जाएगी। इस समय पार्टी के सोशल मीडिया पर चलने वाले मैसेज पर नजर रखते हुए ब्योरा तैयार करना शुरू कर दिया गया है। यह काम मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटी कर रही है।
इसका कंट्रोल रूम कलक्ट्रेट में खोला गया है। कंट्रोल रूम में शिकायत के आधार पर भी संबंधित मैसेज का ब्योरा तैयार होगा। मुख्य कोषाधिकारी ने बताया कि सभी 30 फ्लाइंग स्क्वायड टीम, 30 स्टेटिक सर्विलांस टीम, 40 वीडियो सर्विलांस टीम पार्टी और प्रत्याशियों की गतिविधियों के बारे में एक्सपेंडीचर मॉनीटरिंग सेल को ब्योरा देंगी। इस आधार पर एक्सपेंडीचर मॉनीटरिंग सेल खर्च का ब्योरा तैयार कर प्रत्याशियों और पार्टी के खाते में जोड़ेगी।
इस तरह के मैसेज पर कार्रवाई
– किसी धर्म, जाति या समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणी
– किसी भी प्रत्याशी या पार्टी पर आपत्तिजनक लांछन
– मतदाताओं को लालच देने वाला ऑफर देने पर 
– किसी भी तरह वोटर को डराने या धमकाने पर
– धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास
 
 

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