प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से अयोध्या और जनकपुर का रिश्ता मजबूत :योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज रामनगरी अयोध्या के रामकथा पार्क में जनकपुर-अयोध्या बस सेवा का स्वागत किया। इस बस सेवा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नेपाल के जनकपुर में किया था। आज नेपाल-भारत मैत्री बस सेवा अयोध्या पहुंची।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा सरकार की योजनाओं के बारे में कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्वदेश दर्शन प्रसाद व रामायण सर्किट जैसी योजनाओं को आरंभ किया गया। इसी उदृेश्य को पूर्ण करने के लिए अयोध्या, नंदीग्राम, श्रंगवेरपुर, चित्रकूट व श्रीलंका को जोड़ा जा रहा है। जनकपुर का भी अयोध्या से जुडऩा, इसी कड़ी का हिस्सा है। इसके बाद उन्होंने कहा कि अयोध्या में सरयू स्नान का भी महत्व है। इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिदिन शाम को सरयू की आरती के कार्यक्रम को सरकार ने आरंभ किया है। वर्षों से रुकी रामलीला के मंचन की परंपरा को भी फिर से शुरू किया गया।  सीएम योगी आदित्यनाथ ने वहां से आए यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान वहां एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। उन्होंने मैत्री बस से आए तीन दर्जन नेपाली मेहमानों का अभिनंदन करते हुए कहा, सचमुच यह हमारे लिए सौभाग्य का क्षण है। जिसमें बड़ी संख्या में लगी रामायण से सम्बंधित झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बस सेवा के अयोध्या पहुंचने के मौके पर सीएम भारतीय डाक विभाग के प्रकाशित स्पेशल कवर का अनावरण भी किया। यह स्पेशल कवर पिछले वर्ष दीपावली के अवसर पर अयोध्या में सरयू तट पर आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम पर आधारित है। पीएम मोदी ने इस बस सेवा का उद्घाटन करते हुए कहा था कि जनकपुर और अयोध्या जोड़े जा रहे हैं। यह बस सेवा नेपाल और भारत में तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने से संबंधित रामायण सर्किट का हिस्सा है।  इस मौके पर नेपाल से आने वाले मंत्री सरोज कुमार सिंह कुशवाहा एवं ऊषा यादव सहित रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष- शीर्ष पीठ मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपालदास, उत्तर प्रदेश की पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, जिला के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, अविवि के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित, सांसद लल्लू सिंह, विधायक वेदप्रकाश गुप्त आदि ने भी विचार रखे और मैत्री बस सेवा की शुरुआत के साथ अयोध्या और जनकपुर के युगों पुराने संबंध को नए सिरे से रोशन होने को लेकर उत्साह प्रकट किया।   सरयू पूजन एवं रामकी पैड़ी का निरीक्षण   अयोध्या यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू के सहस्त्रधारा घाट पर पुण्यसलिला का पूजन एवं दुग्धाभिषेक के बाद आरती की। पूजन का संयोजन सरयू की नित्य महाआरती कराने वाली संस्था आंजनेय सेवा संस्थान से जुड़े महंत मनीषदास एवं रामकथा मर्मज्ञ संत चंद्रांशु ने किया। मुख्यमंत्री ने सरयू के इसी घाट से लगी रामकीपैड़ी का भी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया और पैड़ी में सरयू का प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित योजना पर चर्चा की।    जनकपुर-अयोध्या-जनकपुर बस सेवा के स्वागत कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हजारों वर्ष पहले से अयोध्या और जनकपुर का रिश्ता रहा है। भारत में कई प्रधानमंत्री आए और चले गए, लेकिन इस रिश्ते को मजबूत करने के बारे में किसी ने भी नहीं सोचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से यह मैत्री बस सेवा शुरू हो गई है, उनको बहुत धन्यवाद।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैत्री बस सेवा का यह अभियान भारत-नेपाल रूपी दो शरीर और एक आत्मा की विरासत को आगे बढ़ाने वाला है। जनकपुर से अयोध्या पहुंची मैत्री बस सेवा की अगवानी के बाद रामकथा पार्क में योगी आदित्यनाथ सभा को संबोधित कर रहे थे। 

जनकपुर-अयोध्या-जनकपुर बस सेवा के स्वागत कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हजारों वर्ष पहले से अयोध्या और जनकपुर का रिश्ता रहा है। भारत में कई प्रधानमंत्री आए और चले गए, लेकिन इस रिश्ते को मजबूत करने के बारे में किसी ने भी नहीं सोचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से यह मैत्री बस सेवा शुरू हो गई है, उनको बहुत धन्यवाद। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत नेपाल सांस्कृतिक सबन्धों को पीएम मोदी ने नया आयाम दिया । अयोध्या जनकपुर सीधी बस सेवा के लिये पीएम का आभार व्यक्त करता हूं। हज़ारो वर्ष पहले नेपाल व भारत सांस्कृतिक व सामाजिक सबन्धों से जुड़े है। एक ऐतिहासिक क्षण है। लोग बदले लेकिन हमारे सम्बन्ध आज भी अटूट है। महराज दशरथ व जनक जी का अटूट सम्बन्ध था।

सांस्कृतिक सम्बन्ध राजनीतिक सम्बन्धो से बड़े हो गए है। अयोध्या के जनकपुर व काठमांडू का काशी के साथ अटूट सम्बन्ध है। नेपाल से आये अतिथियों को अयोध्या के संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। भारत सरकार ने राम-जानकी मार्ग को पूर्ण करने का जिम्मा भी लिया है। मार्ग बन जाने पर जनकपुर से अयोध्या पहुंचने में 10 से 12 घंटे की जगह मात्र  6 से 7 घंटे ही लगेंगे। दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के विकास के लिए 133 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ था। रामजानकी मार्ग पर भी काम शुरू हुआ था। भारत-नेपाल के संबंधों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नया आयाम दिया है। बस सेवा के माध्यम से पुरानी सांझी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास प्रधानमंत्री जी ने किया है। हमें खुशी है कि सांस्कृतिक संबंधों की नई कड़ी आज से शुरू हो रही है। अयोध्या-जनकपुरधाम के लिए बस सेवा शुरू होना दोनों राष्ट्रों के संबंधों को और मजबूत करेगा। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अयोध्या-जनकपुर एवं पशुपतिनाथ-काशी विश्वनाथ की विरासत का जिक्र करते हुए भारत और नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों को अटूट बताया और विश्वास जताया कि दोनों देश विकास में भी एक-दूसरे के प्रबल सहयोगी सिद्ध होंगे। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनकपुर से आने वाले मेहमानों को नेपाली में अनूदित रामचरितमानस की प्रति एवं उत्तरीय भेंट कर उनका स्वागत किया। काठमांडू को काशी और जनकपुर को अयोध्या से सड़क मार्ग से जोड़ने से न सिर्फ सांस्कृतिक संबंध मजबूत होंगे बल्कि विकास की यात्रा भी आरंभ होगी। अयोध्या और जनकपुर हजारों वर्ष पूर्व जुड़े थे। अयोध्या और जनकपुर के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए दोनों शहरों को बस सेवा से जोड़ा जाए, यह प्रयास प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुआ और फलीभूत भी हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा सरकार की योजनाओं के बारे में कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्वदेश दर्शन प्रसाद व रामायण सर्किट जैसी योजनाओं को आरंभ किया गया। इसी उदृेश्य को पूर्ण करने के लिए अयोध्या, नंदीग्राम, श्रंगवेरपुर, चित्रकूट व श्रीलंका को जोड़ा जा रहा है। जनकपुर का भी अयोध्या से जुडऩा, इसी कड़ी का हिस्सा है। इसके बाद उन्होंने कहा कि अयोध्या में सरयू स्नान का भी महत्व है। इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिदिन शाम को सरयू की आरती के कार्यक्रम को सरकार ने आरंभ किया है। वर्षों से रुकी रामलीला के मंचन की परंपरा को भी फिर से शुरू किया गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने वहां से आए यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान वहां एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। उन्होंने मैत्री बस से आए तीन दर्जन नेपाली मेहमानों का अभिनंदन करते हुए कहा, सचमुच यह हमारे लिए सौभाग्य का क्षण है। जिसमें बड़ी संख्या में लगी रामायण से सम्बंधित झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बस सेवा के अयोध्या पहुंचने के मौके पर सीएम भारतीय डाक विभाग के प्रकाशित स्पेशल कवर का अनावरण भी किया। यह स्पेशल कवर पिछले वर्ष दीपावली के अवसर पर अयोध्या में सरयू तट पर आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम पर आधारित है। पीएम मोदी ने इस बस सेवा का उद्घाटन करते हुए कहा था कि जनकपुर और अयोध्या जोड़े जा रहे हैं। यह बस सेवा नेपाल और भारत में तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने से संबंधित रामायण सर्किट का हिस्सा है।  इस मौके पर नेपाल से आने वाले मंत्री सरोज कुमार सिंह कुशवाहा एवं ऊषा यादव सहित रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष- शीर्ष पीठ मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपालदास, उत्तर प्रदेश की पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, जिला के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, अविवि के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित, सांसद लल्लू सिंह, विधायक वेदप्रकाश गुप्त आदि ने भी विचार रखे और मैत्री बस सेवा की शुरुआत के साथ अयोध्या और जनकपुर के युगों पुराने संबंध को नए सिरे से रोशन होने को लेकर उत्साह प्रकट किया। 

सरयू पूजन एवं रामकी पैड़ी का निरीक्षण 

अयोध्या यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू के सहस्त्रधारा घाट पर पुण्यसलिला का पूजन एवं दुग्धाभिषेक के बाद आरती की। पूजन का संयोजन सरयू की नित्य महाआरती कराने वाली संस्था आंजनेय सेवा संस्थान से जुड़े महंत मनीषदास एवं रामकथा मर्मज्ञ संत चंद्रांशु ने किया। मुख्यमंत्री ने सरयू के इसी घाट से लगी रामकीपैड़ी का भी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया और पैड़ी में सरयू का प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित योजना पर चर्चा की।

जनकपुर-अयोध्या-जनकपुर बस सेवा के स्वागत कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हजारों वर्ष पहले से अयोध्या और जनकपुर का रिश्ता रहा है। भारत में कई प्रधानमंत्री आए और चले गए, लेकिन इस रिश्ते को मजबूत करने के बारे में किसी ने भी नहीं सोचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से यह मैत्री बस सेवा शुरू हो गई है, उनको बहुत धन्यवाद।

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