प्रभुत्व बढ़ाने के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उथल-पुथल बढ़ा सकता है चीन: पेंटागन का दावा

हिंद और प्रशांत महासागर क्षेत्र में उथल-पुथल मचाकर चीन अपने पड़ोसी देशों में असंतोष पैदा कर रहा है। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने 2019 के लिए पेश वार्षिक बजट रिपोर्ट में ये दावा किया है। अमेरिकी संसद में पेश बजट रिपोर्ट में पेंटागन ने कहा है कि सैन्य आधुनिकीकरण और आर्थिक नीतियों के बल पर चीन अपने पड़ोसी मुल्कों पर प्रभाव बढ़ा रहा है। इसका सीधा लाभ चीन को हो रहा है।प्रभुत्व बढ़ाने के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उथल-पुथल बढ़ा सकता है चीन: पेंटागन का दावा

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उल्लेखनीय है कि अमेर‌िका में पेंटागन द्वारा रक्षा बजट प्रस्ताव पेश किया जाता है। इस बजट की अवधि एक अक्टूबर 2018 से 30 सितंबर 2019 तक रहेगी।

पेंटागन के अनुसार, चीन सेना दीर्घकालिक नीतियों पर काम कर रहा है, ताकि दुनिया से अमेरिकी असर को कम किया जा सके और उसका प्रभाव बढ़े। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसी परिस्थितियों में अमेरिकी को सुपर पावर बने रहने के लिए अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। साथ ही साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को नए सिरे से गढ़नी होगा।

रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि चीन और रूस मिलकर दुनिया में अपना प्रभाव बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए दोनों ऐसे मॉडल पर काम कर रहे हैं जिससे दुनिया की कूटनीति, आर्थिक नीति और सुरक्षा पर उनका असर दिखाई दे।

जॉर्जिया, क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन में जिस तरह से आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, उससे अमेरिका चिंतित हो रहा है। इस क्षेत्र में परमाणु हथियारों की होड़ लगातार बढ़ रही है, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। पेंटागन के मुताबिक, ईरान और उत्‍तर कोरिया जैसे तानाशाही शासन वाले देशों के पास भी परमाणु हथियार हैं और इन क्षेत्रों में आतंकवाद को भी प्रयोजित किया जा रहा है।

उत्तर कोरिया का तानाशाह सत्ता में बने रहने के लिए परमाणु, रासायनिक और पारंपरिक हथियारों का सहारा ले रहा है। साथ ही वह बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक को भी बढ़ावा दे रहा है। इसका असर दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका की सुरक्षा पर पड़ेगा। वहीं मध्य-पूर्व में ईरान एक ऐसा देश बनकर उभर रहा है जो अपने पड़ोसी देशों से प्रतिस्पर्धा के चलते क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा रहा है। 

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