प्रेमी जोड़े न देखें ‘धड़क’

श्रीदेवी की बेटी जान्हवी कपूर की फिल्म धड़क आज रिलीज हो गई है। इस फिल्म को लेकर मिले—​जुले रिव्यू सामने आ रहे हैं। यह ​फिल्म एक प्रेम कहानी पर आधारित है, लेकिन अगर प्रेमी जोड़े इस फिल्म को अपनी प्रेम कहानी के तौर पर देखना चाहते हैं, तो हमारी उन्हें सलाह है कि इस फिल्म को न देखें, क्योंकि यह प्रेम करने वालों के लिए नहीं बनी है और प्रेमियों को यह फिल्म गलत मैसेज देती है। हम आपको बता रहे हैं फिल्म की कुछ खास बातें…श्रीदेवी की बेटी जान्हवी कपूर की फिल्म 'धड़क' आज रिलीज हो गई है। इस फिल्म को लेकर मिले—​जुले रिव्यू सामने आ रहे हैं। यह ​फिल्म एक प्रेम कहानी पर आधारित है, लेकिन अगर प्रेमी जोड़े इस फिल्म को अपनी प्रेम कहानी के तौर पर देखना चाहते हैं, तो हमारी उन्हें सलाह है कि इस फिल्म को न देखें, क्योंकि यह प्रेम करने वालों के लिए नहीं बनी है और प्रेमियों को यह फिल्म गलत मैसेज देती है। हम आपको बता रहे हैं फिल्म की कुछ खास बातें...  जान्हवी ने बताया 'धड़क' का खौफनाक सच  जान्हवी ही हैं सब कुछ— अगर आप केवल श्रीदेवी की बेटी को देखना चाहते हैं, तो इस फिल्म को देख सकते हैं। फिल्म की कहानी मराठी फिल्म 'सैराट' से ली गई है, लेकिन फिल्म केवल शुरुआत में सैराट की झलक देती है। आॅनर किलिंग जैसे मुद्दे को फिल्म में पूरी तरह दबा दिया गया है। केवल यह जान्हवी बेस्ड फिल्म होकर रह गई है।   माँ के इस रोल को दोहराना चाहती हैं जाह्नवी कपूर  प्रेमियों को गलत मैसेज— फिल्म में प्रेम को लेकर गलत संदेश दिया गया है। फिल्म में दिखाया गया है कि लड़की प्रेम के लिए अपने पिता के खिलाफ  जाती है, यह ठीक है। लेकिन फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि लड़की अपने प्रेमी को बंदूक की नोक पर भगाकर शादी कर लेती है, जो कि प्रेमियों को गलत संदेश देता है। आलोचकों का कहना है कि इस मैसेज के बाद इस तरह की घटनाएं देश में बढ़ सकती हैं, क्योंकि युवा हीरो—हीरोइन को अपना आदर्श मानते हैं।   बेहतर है लोकेशन— फिल्म देखने का एक कारण इसकी बेहतर लोकेशन हो सकता है। निर्देशक ने फिल्म में राजस्थानी पृष्ठभूमि को अच्छे से उकेरा है और लोग फिल्म में उस जगह की खुशबू महसूस करेंगे। अगर आप बेहतर लोकेशन और प्लॉटिंग के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो जा सकते हैं।

जान्हवी ही हैं सब कुछ— अगर आप केवल श्रीदेवी की बेटी को देखना चाहते हैं, तो इस फिल्म को देख सकते हैं। फिल्म की कहानी मराठी फिल्म ‘सैराट’ से ली गई है, लेकिन फिल्म केवल शुरुआत में सैराट की झलक देती है। आॅनर किलिंग जैसे मुद्दे को फिल्म में पूरी तरह दबा दिया गया है। केवल यह जान्हवी बेस्ड फिल्म होकर रह गई है। 

प्रेमियों को गलत मैसेज— फिल्म में प्रेम को लेकर गलत संदेश दिया गया है। फिल्म में दिखाया गया है कि लड़की प्रेम के लिए अपने पिता के खिलाफ  जाती है, यह ठीक है। लेकिन फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि लड़की अपने प्रेमी को बंदूक की नोक पर भगाकर शादी कर लेती है, जो कि प्रेमियों को गलत संदेश देता है। आलोचकों का कहना है कि इस मैसेज के बाद इस तरह की घटनाएं देश में बढ़ सकती हैं, क्योंकि युवा हीरो—हीरोइन को अपना आदर्श मानते हैं। 

बेहतर है लोकेशन— फिल्म देखने का एक कारण इसकी बेहतर लोकेशन हो सकता है। निर्देशक ने फिल्म में राजस्थानी पृष्ठभूमि को अच्छे से उकेरा है और लोग फिल्म में उस जगह की खुशबू महसूस करेंगे। अगर आप बेहतर लोकेशन और प्लॉटिंग के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो जा सकते हैं। 

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