प्रेस कॉन्फ्रेस में कर्नाटक के मंत्री पर भड़कीं रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण

बाढ़ प्रभावित जिले कोडागू में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण कर्नाटक के मंत्री सा.रा. महेश पर भड़क उठीं. दरअसल उन्हें कहा गया कि वक्त की कमी के चलते कॉन्फ्रेंस को जल्द खत्म करना होगा. वहीं रक्षामंत्री का कहना था कि वे तयशुदा और दिए गए वक्त के हिसाब से ही काम कर रही हैं.बाढ़ प्रभावित जिले कोडागू में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण कर्नाटक के मंत्री सा.रा. महेश पर भड़क उठीं. दरअसल उन्हें कहा गया कि वक्त की कमी के चलते कॉन्फ्रेंस को जल्द खत्म करना होगा. वहीं रक्षामंत्री का कहना था कि वे तयशुदा और दिए गए वक्त के हिसाब से ही काम कर रही हैं.  कॉन्फ्रेंस में सीतारमण बाढ़ प्रभावित लोगों के समूह से बात कर रहीं थीं, उसी दौरान जिला प्रभारी मंत्री महेश ने उनसे कहा कि समीक्षा बैठक के लिए अधिकारी उनका इंतजार कर रहे हैं और उन सभी को पुनर्वास कार्य के लिए जाना है. उन्होंने कहा कि वह पहले अधिकारियों से बात कर लें, जिसपर सीतारमण राजी भी हो गईं.  सीतारमण का कहना है कि 'मैंने प्रभारी मंत्री का अनुसरण किया. यहां केंद्रीय मंत्री, प्रभारी मंत्री का अनुसरण कर रहे हैं. अदभुत! मेरे पास आपके दिए मिनट-टू-मिनट की लिस्ट है और मैं उसके हिसाब से ही चल रही हूं.'  इसके बाद उन्होंने दोबारा मंत्री को तब डांट लगाई, जब उनसे कहा गया कि बातचीत की रिकॉडिंग की जा रही है. सीतारमण ने इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, 'होने दो रिकॉडिंग.'    इसके बाद सीतारमण ने जानना चाहा कि कितने अधिकारी बाढ़ पुनर्वास कार्य में लगे हुए हैं और उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि कामकाज बाधित हो. बाद में महेश ने कहा कि कोडागू के लिए केंद्र से कोष की मांग के कारण सीतारमण ने यह टिप्पणी की. इस घटना के दौरान जिला आयुक्त कार्यालय में अधिकारी और मीडिया भी मौजूद थे.  बता दें कि कर्नाटक के कोडागू जिले में ए‍क हफ्ते में ही भारी बारिश के कारण कम-से-कम 17 लोगों की मौत हो चुकी है. रक्षामंत्री सीतारमण कर्नाटक से मंत्री होने के नाते इलाके के दौरे पर थीं और उन्होंने जिले के लिए एमपीएलएडी(मेंबर ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलेवमेंट) से एक करोड़ रुपये की मदद की पेशकश भी की.

कॉन्फ्रेंस में सीतारमण बाढ़ प्रभावित लोगों के समूह से बात कर रहीं थीं, उसी दौरान जिला प्रभारी मंत्री महेश ने उनसे कहा कि समीक्षा बैठक के लिए अधिकारी उनका इंतजार कर रहे हैं और उन सभी को पुनर्वास कार्य के लिए जाना है. उन्होंने कहा कि वह पहले अधिकारियों से बात कर लें, जिसपर सीतारमण राजी भी हो गईं.

सीतारमण का कहना है कि ‘मैंने प्रभारी मंत्री का अनुसरण किया. यहां केंद्रीय मंत्री, प्रभारी मंत्री का अनुसरण कर रहे हैं. अदभुत! मेरे पास आपके दिए मिनट-टू-मिनट की लिस्ट है और मैं उसके हिसाब से ही चल रही हूं.’

इसके बाद उन्होंने दोबारा मंत्री को तब डांट लगाई, जब उनसे कहा गया कि बातचीत की रिकॉडिंग की जा रही है. सीतारमण ने इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘होने दो रिकॉडिंग.’  

इसके बाद सीतारमण ने जानना चाहा कि कितने अधिकारी बाढ़ पुनर्वास कार्य में लगे हुए हैं और उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि कामकाज बाधित हो. बाद में महेश ने कहा कि कोडागू के लिए केंद्र से कोष की मांग के कारण सीतारमण ने यह टिप्पणी की. इस घटना के दौरान जिला आयुक्त कार्यालय में अधिकारी और मीडिया भी मौजूद थे.

बता दें कि कर्नाटक के कोडागू जिले में ए‍क हफ्ते में ही भारी बारिश के कारण कम-से-कम 17 लोगों की मौत हो चुकी है. रक्षामंत्री सीतारमण कर्नाटक से मंत्री होने के नाते इलाके के दौरे पर थीं और उन्होंने जिले के लिए एमपीएलएडी(मेंबर ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलेवमेंट) से एक करोड़ रुपये की मदद की पेशकश भी की.

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