बंदरों ने व्यापारी से लूटे लाखों

ताजमहल परिसर में बंदरो का आतंक चरम पर है और आये दिन उनके द्वारा सैलानियों को परेशान किये जाने की घटनाएं आम गई है. फ्रांसीसी सैलानियों पर हमला, इसके बाद हमले में हॉस्टल की दूसरी मंजिल से छात्र के गिरने के बाद कल मंगलवार को बैंक के अंदर से तीन-चार बंदर एक कारोबारी का एक लाख 40 हजार रुपये से भरा बैग छीन ले भागे जो अब तक नहीं मिला है. पीड़ित दिनभर की मश्क्कत के बाद को घर लौट गया.ताजमहल परिसर में बंदरो का आतंक चरम पर है और आये दिन उनके द्वारा सैलानियों को परेशान किये जाने की घटनाएं आम गई है. फ्रांसीसी सैलानियों पर हमला, इसके बाद हमले में हॉस्टल की दूसरी मंजिल से छात्र के गिरने के बाद कल मंगलवार को बैंक के अंदर से तीन-चार बंदर एक कारोबारी का एक लाख 40 हजार रुपये से भरा बैग छीन ले भागे जो अब तक नहीं मिला है. पीड़ित दिनभर की मश्क्कत के बाद को घर लौट गया.    घटना नाई की मंडी के हलका मदन निवासी सर्राफ विजय बंसल के साथ घटी जब वे मंगलवार को बेटी नैंसी के साथ बैंक में एक लाख 40 हजार रुपये जमा कराने गए थे. उनका खाता धाकरान चौराहे पर नाथ कॉम्प्लेक्स स्थित एक बैंक में है. रुपये से भरा थैला नैंसी के हाथ में था. फर्स्ट फ्लोर पर बैंक की सीढ़ी चढ़ते समय वहां मौजूद तीन-चार बंदरों ने घुड़की दी और झपट्टा मारकर नैंसी के हाथ से बैग छीन लिया. इस हमले से नैंसी बुरी तरह घबरा गई. वह और उसके पिता चीखने लगे. शोर सुनकर बैंक के गार्ड वहां आ गए, लेकिन तब तक बंदरों का झुंड चौथी मंजिल पर पहुंच गया. बंदरों को खाने के सामान का लालच देने पर बंदरों ने सौ-सौ के नोटों की छह गड्डियां निकालकर फेंक दीं.     पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस के आने के बाद बंदरों ने लुका-छिपी शुरू कर दी और पुलिस कर्मियों को दो हजार के नोट की गड्डियां दिखाकर पूरी इमारत में दौड़ाते रहे. पुलिस और कारोबारी दौड़ते-दौड़ते बुरी तरह थक गए. लेकिन तमाम लालच देने के बावजूद बंदरों ने नोटों से भरा बैग नहीं लौटाया और 1.40 लाख रुपये की गड्डी लेकर फरार हो गए.

घटना नाई की मंडी के हलका मदन निवासी सर्राफ विजय बंसल के साथ घटी जब वे मंगलवार को बेटी नैंसी के साथ बैंक में एक लाख 40 हजार रुपये जमा कराने गए थे. उनका खाता धाकरान चौराहे पर नाथ कॉम्प्लेक्स स्थित एक बैंक में है. रुपये से भरा थैला नैंसी के हाथ में था. फर्स्ट फ्लोर पर बैंक की सीढ़ी चढ़ते समय वहां मौजूद तीन-चार बंदरों ने घुड़की दी और झपट्टा मारकर नैंसी के हाथ से बैग छीन लिया. इस हमले से नैंसी बुरी तरह घबरा गई. वह और उसके पिता चीखने लगे. शोर सुनकर बैंक के गार्ड वहां आ गए, लेकिन तब तक बंदरों का झुंड चौथी मंजिल पर पहुंच गया. बंदरों को खाने के सामान का लालच देने पर बंदरों ने सौ-सौ के नोटों की छह गड्डियां निकालकर फेंक दीं. 

पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस के आने के बाद बंदरों ने लुका-छिपी शुरू कर दी और पुलिस कर्मियों को दो हजार के नोट की गड्डियां दिखाकर पूरी इमारत में दौड़ाते रहे. पुलिस और कारोबारी दौड़ते-दौड़ते बुरी तरह थक गए. लेकिन तमाम लालच देने के बावजूद बंदरों ने नोटों से भरा बैग नहीं लौटाया और 1.40 लाख रुपये की गड्डी लेकर फरार हो गए. 

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