बत्ती गुल मीटर चालू का तीसरा गाना र‍िलीज, शाह‍िद-श्रद्धा का जबरदस्त डांस

श्रद्धा और शाहिद कपूर की फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू जल्द र‍िलीज होने वाली है. हाल ही में इस फिल्म का नया गाना र‍िलीज हुआ है. पंजाबी धुन से सजे इस गाने में शाह‍िद कपूर संग श्रद्धा कपूर का जबरदस्त डांस द‍िखा है. ये फिल्म 21 सितंबर र‍िलीज होने जा रही है.श्रद्धा और शाहिद कपूर की फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू जल्द र‍िलीज होने वाली है. हाल ही में इस फिल्म का नया गाना र‍िलीज हुआ है. पंजाबी धुन से सजे इस गाने में शाह‍िद कपूर संग श्रद्धा कपूर का जबरदस्त डांस द‍िखा है. ये फिल्म 21 सितंबर र‍िलीज होने जा रही है.   फिल्म का गाना ‘हार्ड हार्ड’ को  कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने डायरेक्ट किया है. इस गाने को मीका स‍िंह, सचेत टंडन, प्रकृत‍ि कक्कड़ ने गाया है. गाने के बोल लिखे हैं, सिद्धार्थ-गरिमा ने जबकि अभिजीत वघनानी ने म्यूजिक दिया है. बता दें ये एक बेहतरीन डांस नंबर है जिसे फिल्म में क्रेडिट रोल के वक्त ही दिखाया जाने वाला है.  क्या है फिल्म की कहानी  फिल्म की कहानी उत्तराखंड के एक छोटे से कस्बे में बुनी गई हैं और निर्देशक श्री नारायण सिंह ने मजाकिया अंदाज में एक गंभीर मुद्दे को उठाने की कोशिश की है. कहानी बिजली विभाग द्वारा भेजे जाने वाले गलत बिलों के बारे है. फिल्म में शाहिद इस गोरखधंधे के विरुद्ध आवाज उठाते हैं.  पेशे से वकील शाहिद कपूर फिल्म में उस वक्त विद्रोही हो उठते हैं जब उनका दोस्त (दिव्येंदु शर्मा) सरकारी दबाव के चलते आत्महत्या कर लेता है. असल में दिव्येंदु के यहां बिजली विभाग 1.5 लाख रुपये का बिल भेज देता है. जिसकी शिकायत जब वह बिजली विभाग में करता है तो उसकी एक नहीं सुनी जाती. उसे बताया जाता है कि यदि उसने बिजली का बिल नहीं भरा तो उसे पुलिस हिरासत में भी लिया जा सकता है. इससे पहले अक्षय कुमार भी इस तरह के मुद्दों पर फिल्में बना चुके हैं. यह पहली बार है कि जब शाहिद ऐसे किसी मामले को लेकर फिल्म बना रहे हैं.

फिल्म का गाना ‘हार्ड हार्ड’ को  कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने डायरेक्ट किया है. इस गाने को मीका स‍िंह, सचेत टंडन, प्रकृत‍ि कक्कड़ ने गाया है. गाने के बोल लिखे हैं, सिद्धार्थ-गरिमा ने जबकि अभिजीत वघनानी ने म्यूजिक दिया है. बता दें ये एक बेहतरीन डांस नंबर है जिसे फिल्म में क्रेडिट रोल के वक्त ही दिखाया जाने वाला है.

क्या है फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी उत्तराखंड के एक छोटे से कस्बे में बुनी गई हैं और निर्देशक श्री नारायण सिंह ने मजाकिया अंदाज में एक गंभीर मुद्दे को उठाने की कोशिश की है. कहानी बिजली विभाग द्वारा भेजे जाने वाले गलत बिलों के बारे है. फिल्म में शाहिद इस गोरखधंधे के विरुद्ध आवाज उठाते हैं.

पेशे से वकील शाहिद कपूर फिल्म में उस वक्त विद्रोही हो उठते हैं जब उनका दोस्त (दिव्येंदु शर्मा) सरकारी दबाव के चलते आत्महत्या कर लेता है. असल में दिव्येंदु के यहां बिजली विभाग 1.5 लाख रुपये का बिल भेज देता है. जिसकी शिकायत जब वह बिजली विभाग में करता है तो उसकी एक नहीं सुनी जाती. उसे बताया जाता है कि यदि उसने बिजली का बिल नहीं भरा तो उसे पुलिस हिरासत में भी लिया जा सकता है. इससे पहले अक्षय कुमार भी इस तरह के मुद्दों पर फिल्में बना चुके हैं. यह पहली बार है कि जब शाहिद ऐसे किसी मामले को लेकर फिल्म बना रहे हैं.

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