बनारस में सपा नेता ने सत्ता की हनक से सरकारी आवास हथियाए

सेवापुरी विकास खंड के लोहिया गांव बरनी में लोहिया आवास के आवंटन और निर्माण में व्यापक पैमाने पर हुई घपलेबाजी की परत दर परत खुलती जा रही है। कमीशन के चक्कर में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने कई अपात्रों को लाभार्थी बना दिया है।

बनारस में सपा नेता ने सत्ता की हनक से सरकारी आवास हथियाए

 वहीं, सत्ता की हनक दिखाते हुए एक सपा नेता ने अपनी बहू के नाम लोहिया आवास आवंटित करा लिया है जबकि वह पहले से ही पत्नी के नाम इंदिरा आवास भी हासिल कर चुके हैं। ग्रामीणों ने डीएम और सीडीओ से मामले की जांच कराने और कार्रवाई करने की मांग की है।

सीएम अखिलेश के ‘एकलव्य’ ने सपा के झगड़े से परेशान होकर किया ये…..

बरनी गांव के सपा नेता निहाला पाल ने आर्थिक रूप से संपन्न होने के बाद भी अपने रुतबे के दम पर गरीबों को मिलने वाले सरकारी आवास अपने परिवार के सदस्यों के नाम आवंटित करा लिया है। पिछले वित्तीय वर्ष में उनकी पत्नी पार्वती को इंदिरा आवास मिला था।

इसकी पुष्टि करते हुए पूर्व प्रधान जगमन्नी देवी ने बताया कि मैने स्वयं पार्वती के नाम इंदिरा आवास आवंटित कराया था। अब वित्तीय वर्ष 2016-17 में निहाला ने अपने बेटे योगेश पाल की पत्नी नंदिनी के नाम लोहिया आवास का आवंटन करा लिया है।

ग्रामीणों को इसकी जानकारी तब हुई, जब सबसे पहले निहाला की बहू के नाम आवंटित आवास का निर्माण कार्य शुरू हुआ।

आवास के लिए शादी से पहले प्रमाणपत्र बनवाया

गांव के आशाराम पांडेय, अनिल सिंह, धर्मेंद्र पांडेय आदि ने तो योगेश पाल की शादी पर भी सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि योगेश की शादी इसी विकास खंड के लक्षीपुर गांव निवासी उमा पाल की बेटी नंदनी से तय तो हो गई है लेकिन सामाजिक रूप से विवाह अभी हुआ नहीं।

ग्रामीणों ने बताया कि हाथ से लोहिया आवास न निकल जाए, इसलिए सपा नेता ने बहू पक्ष की सहमति से न्यायालय से बेटे की शादी का प्रमाणपत्र बनवा लिया है। इसी के जरिये उन्होंने बहू के नाम लोहिया आवास आवंटित कराया है।

दो किशोरियों की गला रेंत कर हत्या

नंदनी की दादी हीरा वती और मां मीरा ने बताया कि नंदनी की शादी मई में होगी। ग्राम पंचायत अधिकारी रामनरेश सोनकर ने बताया कि सपा नेता ने आवास के लिए बेटे की शादी का प्रमाणपत्र दिया था।

हालांकि वह दोहरे आवास का लाभ देने के प्रश्न का जवाब नहीं दे सके। वहीं, निहाला पाल का भी कहना है कि बेटे की शादी कोर्ट से हो चुकी है। मई में बहू को विदा कराकर घर ले आएंगे।

सेवापुरी की बीडीओ रक्षिता सिंह ने कहा कि संपन्न परिवार को दो-दो आवास देने का मामला गंभीर है। शिकायती पत्र मिलेगा तो बैंक खाते पर रोक लगाकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

You May Also Like

English News