बाबा हरभजन सिंह काे अश्रुपूरित अांखों से हजारों ने दी अंतिम विदाई

 भक्ति व शक्ति के केंद्र नाम से जाने जाते विश्व प्रसिद्ध संप्रदाय नानकसर कलेरां के प्रमुख बाबा हरभजन सिंह नानकसर कलेरां वाले को हजारों भक्‍तों ने अश्रुपूरित आंखों से अंतिम विदाई दी। बाबा का गमगीन माहौल में नानकसर कलेरां में अंतिम संस्‍कार किया गया। उनका पार्थिव शरीर शनिवार शाम सिंगापुर से लाया गया था। वह काफी समय से बीमार थे अौर उन्‍हाेने शुक्रवार सुबह अंतिम सांस ली थी।भाई तेजिंदर सिंह जिंद नानकसर कलेरां ने बताया कि बाबा हरभजन की अंतिम अरदास 17 जून को होगी। उन्होंने कहा कि निधन पर राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिंक नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। धर्म प्रचार व धर्म प्रसार के लिए विदेशी गए बाबा लक्खा सिंह नानकसर कलेरां, बाबा घाला सिंह नानकसर कलेरां, संत बाबा अरविंदर सिंह नानकसर कलेरां व जगजीत सिंह लोपों वालों ने भी फोन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।

उनका पार्थिव शरीर सिंगापुर से शनिवार शाम अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचा था । इसके बाद यहां से पालकीनुमा एंबुलेंस में पार्थिव शरीर देर रात नानकसर कलेरां लाया गया। रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। रविवार सुबह से ही उनके दर्शन के लिए श्रद्धालु हजारों की संख्‍या में उमड़ पड़े। बाबा को अंतिम विदाई देते समय उनके भक्‍त रो रहे थे। बाबा के अंतिम संस्‍कार में संगत उमड़ पडी। भक्‍त रो रहे थे और हाथ जोड़कर बाबा को नमन कर रहे थे।

बाबा पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। बाबा हरभजन सिंह ने शुक्रवार सुबह पांच बजे सिंगापुर में अंतिम सांस ली। संत बाबा हरभजन सिंह के निधन से विश्व भर में बैठी नानकसर कलेरां संप्रदाय से जुड़ी संगत में शोक की लहर है। संत बाबा गुरमेल सिंह नानकसर कलेरां ने बताया कि संत बाबा कुंदन सिंह की ओर से सौंपी सेवा को बाबा हरभजन सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को हजार गुरु समझ कर लंबे समय तक निभाई।

भाई तेजिंदर सिंह जिंद नानकसर कलेरां ने बताया कि बाबा हरभजन की अंतिम अरदास 17 जून को होगी। उन्होंने कहा कि निधन पर राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिंक नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। धर्म प्रचार व धर्म प्रसार के लिए विदेशी गए बाबा लक्खा सिंह नानकसर कलेरां, बाबा घाला सिंह नानकसर कलेरां, संत बाबा अरविंदर सिंह नानकसर कलेरां व जगजीत सिंह लोपों वालों ने भी फोन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।

 

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