बायोमीट्रिक व्यवस्था का कर्मचारियों ने निकाला तोड़, इस तरह से लगा रहे है अटेंडेंस

यूपी सरकार ने ऑफिसों में कामकाज दुरुस्त करने के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी शुरू करवाई तो कामचोर कर्मचारी इसका भी तोड़ ढूंढ लाए। बड़े पैमाने पर सरकारी कर्मचारियों ने फिंगर प्रिंट स्कैन कराकर बायोमीट्रिक मुहर बनवा ली है। बाजार में इस तरह की मुहर महज आधे घंटे में तैयार की जा रही है। बायोमीट्रिक व्यवस्था का कर्मचारियों ने निकाला तोड़, इस तरह से लगा रहे है अटेंडेंसअभी-अभी: राम रहीम के डेरामुखी के खिलाफ इस गैंग ने पत्रकारों को जान से मरने की दी धमकी…

मुहर बनाने वाले गारंटी लेते हैं कि यह मुहर बायोमीट्रिक मशीन पर वैसे ही काम करेगी जैसे अंगूठा करता है। केंद्र और राज्य सरकार ने कर्मचारियों की उपस्थिति तय करने की मंशा से ऑफिसों में बायोमीट्रिक हाजिरी का आदेश दिया था। अब ज्यादातर कार्यालयों में बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी होती है। 

बेसिक को छोड़कर अन्य स्कूल-कॉलेजों में भी बायोमीट्रिक अटेंडेंस लगती है। सरकार का दावा था कि इसके बाद कर्मचारी दफ्तरों से गायब नहीं हो पाएंगे। उन्हें पूरे ड्यूटी टाइम ऑफिस में रहना होगा। क्योंकि बायोमीट्रिक हाजिरी दोनों टाइम लगेगी, विभाग के पास कर्मचारियों के ऑफिस में इन-आउट का पूरा विवरण रहेगा। 

महज 20 से 30 मिनट में तैयार हो जाती है मुहर
 
फइंगर प्रिंट वाली मुहर अब सरकार की इस हाईटेक व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही है। मुरादाबाद में कोर्ट रोड पर मनोकामना मंदिर के पास इस तरह की मुहर बनाने की करीब आधा दर्जन दुकानें हैं। जहां दुकानदार फिंगर प्रिंट स्कैन करके महज 20 से 30 मिनट में मुहर तैयार कर देते हैं। 

एक दुकानदार का दावा था कि वह अब तक दो हजार से अधिक मुहर बना चुका है। मुहर बनवाने वालों में सबसे सरकारी कर्मचारी और शिक्षक हैं। दुकानदार का दावा है कि आधार कार्ड बनाने वाले एजेंट्स ने भी बडे़ पैमाने पर यह मुहर बनवाई हैं। 

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