बिजली बचत के लिए 30 करोड़ LED बल्ब बांटे

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनर्जी एफीसिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) ने कहा कि उन्नत ज्योति बाई अफोर्डेबल एलईडी फॉर ऑल (उजाला) स्कीम के तहत उसने अब तक 30 करोड़ बल्ब वितरित किए हैं।सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनर्जी एफीसिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) ने कहा कि उन्नत ज्योति बाई अफोर्डेबल एलईडी फॉर ऑल (उजाला) स्कीम के तहत उसने अब तक 30 करोड़ बल्ब वितरित किए हैं।  उजाला स्कीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में लांच की थी। अब यह दुनिया का सबसे बड़ा एलईडी बल्ब वितरण कार्यक्रम बन चुका है।  ईईएसएल ने एक बयान में कहा कि देश में 30 करोड़ बल्बों का वितरण होने से हर साल 3895 करोड़ यूनिट बिजली की बचत होगी। इससे 15,581 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।  भारत 2005 से 2030 के बीच कार्बन सघनता 33 से 35 फीसद तक घटाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदूषण घटाने के लिए प्रमुख रणनीति में उजाला स्कीम भी शामिल है।  सरकार इसे घरेलू लाइटिंग में बिजली बचत के लिए फ्लैगशिप प्रोग्राम के रूप में चला रही है। इसे दुनिया की अपनी तरह की सबसे बड़ी स्कीम माना गया है।

उजाला स्कीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में लांच की थी। अब यह दुनिया का सबसे बड़ा एलईडी बल्ब वितरण कार्यक्रम बन चुका है।

ईईएसएल ने एक बयान में कहा कि देश में 30 करोड़ बल्बों का वितरण होने से हर साल 3895 करोड़ यूनिट बिजली की बचत होगी। इससे 15,581 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।

भारत 2005 से 2030 के बीच कार्बन सघनता 33 से 35 फीसद तक घटाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदूषण घटाने के लिए प्रमुख रणनीति में उजाला स्कीम भी शामिल है।

सरकार इसे घरेलू लाइटिंग में बिजली बचत के लिए फ्लैगशिप प्रोग्राम के रूप में चला रही है। इसे दुनिया की अपनी तरह की सबसे बड़ी स्कीम माना गया है।

You May Also Like

English News