बिजली से टूटता है और मक्खन से जुड़ता है यहां का शिवलिंग, हैरान कर देगा रहस्य

सावन का महीना शुरू होने वाला है और भगवान शिव की साज सज्जा की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही हैं. सावन का महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता है और इस महीने में शिव की ख़ास तरीके से पूजा की जाती है. ऐसा कहा जाता है कि इस महीने में भगवान शिव से जो भी मुराद की जाती है वह उन्हें पूरी कर देते हैं.सावन का महीना शुरू होने वाला है और भगवान शिव की साज सज्जा की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही हैं. सावन का महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता है और इस महीने में शिव की ख़ास तरीके से पूजा की जाती है. ऐसा कहा जाता है कि इस महीने में भगवान शिव से जो भी मुराद की जाती है वह उन्हें पूरी कर देते हैं.    भगवान शिव देवों के देव है मतलब शिव जी सारे देवाताओं के देवता है और यह कहना गलत ना होगा कि सृष्टि के कण-कण में शिव समाए हुए हैं और यह दुनिया उनकी शक्ति की एक अभिव्यक्ति मात्र है. आज हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे चमत्कारी मंदिर के बारे में बताने जा रहें हैं जिसके रहस्य को जानकार आप हैरान हो जायेंगे.    जी हाँ इस मंदिर की खासियत है कि बिजली के आघात से शिवलिंग खंडित हो जाता है लेकिन पुजारी इसे मक्खन से जोड़ देते हैं और शिवलिंग वापस उसी रूप में स्थापित हो जाता है. सच है कि आप इस तरह की बातों पर यकीन नहीं कर पाएंगे लेकिन यह सच है.    इस मंदिर के बारे में बताया गया है कि हर 12 साल बाद शिवलिंग पर भयंकर बिजली गिरती है और शिवलिंग खंडित हो जाती है. यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के कु्ल्लू जिले में स्थित है. इस मंदिर को बिजली महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. यह मंदिर ब्यास और पार्वती नदी के संगम स्थल के नजदीक एक पहाड़ पर स्थित है. हालांकि इस मंदिर के पीछे गहरा रहस्य बताया गया है जो भगवान शिव से जुड़ा हुआ है.

भगवान शिव देवों के देव है मतलब शिव जी सारे देवाताओं के देवता है और यह कहना गलत ना होगा कि सृष्टि के कण-कण में शिव समाए हुए हैं और यह दुनिया उनकी शक्ति की एक अभिव्यक्ति मात्र है. आज हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे चमत्कारी मंदिर के बारे में बताने जा रहें हैं जिसके रहस्य को जानकार आप हैरान हो जायेंगे.

जी हाँ इस मंदिर की खासियत है कि बिजली के आघात से शिवलिंग खंडित हो जाता है लेकिन पुजारी इसे मक्खन से जोड़ देते हैं और शिवलिंग वापस उसी रूप में स्थापित हो जाता है. सच है कि आप इस तरह की बातों पर यकीन नहीं कर पाएंगे लेकिन यह सच है.

इस मंदिर के बारे में बताया गया है कि हर 12 साल बाद शिवलिंग पर भयंकर बिजली गिरती है और शिवलिंग खंडित हो जाती है. यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के कु्ल्लू जिले में स्थित है. इस मंदिर को बिजली महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. यह मंदिर ब्यास और पार्वती नदी के संगम स्थल के नजदीक एक पहाड़ पर स्थित है. हालांकि इस मंदिर के पीछे गहरा रहस्य बताया गया है जो भगवान शिव से जुड़ा हुआ है.

You May Also Like

English News