बिहार कांग्रेस को लेकर कल 18 जून को महाबैठक

बिहार में पार्टी संगठन में बड़े बदलाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कल 18 जून को दिल्ली में राज्य के प्रमुख नेताओं की महाबैठक बुलाई है. इस बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा गठबंधन राजनीति के बीच संगठन के विस्तार और मजबूती पर मंथन करना है.बिहार में पार्टी संगठन में बड़े बदलाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कल 18 जून को दिल्ली में राज्य के प्रमुख नेताओं की महाबैठक बुलाई है. इस बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा गठबंधन राजनीति के बीच संगठन के विस्तार और मजबूती पर मंथन करना है.    बता दें कि दिल्ली में कल 18 जून को आयोजित होने वाली इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक दल के नेता के साथ सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्षों, विधायक दल के पूर्व नेताओं सूबे के पार्टी के सभी विधायक व सांसद को भी आमंत्रित किया है. इस बैठक का मकसद उन राज्यों में कांग्रेस को मजूबत राजनीतिक ताकत के रुप में उभारना है जहाँ उसका आधार कम हुआ है.    सूत्रों के अनुसार राहुल की बिहार के नेताओं के साथ प्रस्तावित बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा गठबंधन राजनीति की जरूरतों के बीच संगठन को विस्तार और मजबूती पर मंथन करना है.  कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर कमजोर होने का कारण उत्तरप्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों में सियासी जमीन कमजोर होना है.बिहार के नये प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने राज्य की राजनीतिक स्थिति का आकलन कर विस्तार से रोडमैप तय करने के लिए कहा है. बता दें कि अशोक चौधरी को हटाए जाने के बाद से कोकब कादरी प्रदेश कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष हैं.इस बैठक में नये प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी चर्चा सम्भव है.

बता दें कि दिल्ली में कल 18 जून को आयोजित होने वाली इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक दल के नेता के साथ सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्षों, विधायक दल के पूर्व नेताओं सूबे के पार्टी के सभी विधायक व सांसद को भी आमंत्रित किया है. इस बैठक का मकसद उन राज्यों में कांग्रेस को मजूबत राजनीतिक ताकत के रुप में उभारना है जहाँ उसका आधार कम हुआ है.

सूत्रों के अनुसार राहुल की बिहार के नेताओं के साथ प्रस्तावित बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा गठबंधन राजनीति की जरूरतों के बीच संगठन को विस्तार और मजबूती पर मंथन करना है.  कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर कमजोर होने का कारण उत्तरप्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों में सियासी जमीन कमजोर होना है.बिहार के नये प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने राज्य की राजनीतिक स्थिति का आकलन कर विस्तार से रोडमैप तय करने के लिए कहा है. बता दें कि अशोक चौधरी को हटाए जाने के बाद से कोकब कादरी प्रदेश कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष हैं.इस बैठक में नये प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी चर्चा सम्भव है.

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