बिहार की बदहाली के लिए भाजपा एवं नीतीश को जिम्मेदार बताया

आंध्रा के बाद अब बिहार में भी विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग बलवती हो रही है जिसे लेकर नेता प्रतिपक्ष लगातार नीतीश सरकार पर हमलावर है. अब इसी मांग को लेकर एवं किसानों का कर्ज माफ करने के मुद्दे के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को रैली निकाल कर धरना प्रदर्शन किया. प्रदेश कार्यालय के समीप धरना स्थल पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद तारिक अनवर ने कहा कि बिहार की बदहाली के लिए भाजपा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं. उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार केंद्र से बिहार को विशेष राज्‍य का दर्जा दिलाएं.आंध्रा के बाद अब बिहार में भी विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग बलवती हो रही है जिसे लेकर नेता प्रतिपक्ष लगातार नीतीश सरकार पर हमलावर है. अब इसी मांग को लेकर एवं किसानों का कर्ज माफ करने के मुद्दे के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को रैली निकाल कर धरना प्रदर्शन किया. प्रदेश कार्यालय के समीप धरना स्थल पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद तारिक अनवर ने कहा कि बिहार की बदहाली के लिए भाजपा एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं. उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार केंद्र से बिहार को विशेष राज्‍य का दर्जा दिलाएं.  उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में बिहार के विभाजन के समय केंद्र में एनडीए की सरकार थी. नीतीश कुमार केंद्र में वरिष्ठ मंत्री थे. विभाजन के बाद बिहार विधानसभा ने एक सर्वदलीय संकल्प पारित करते हुए बिहार के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की थी, जिसे दिलवाने में नीतीश विफल रहे. उन्‍होंने कहा, 2006 में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई. उसके बाद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विशेष राज्य का दर्जा की मांग को लेकर केंद्र की यूपीए सरकार पर दबाव बनाते रहे. केंद्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद भी इस सवाल को उठाते रहे. 2015 में बिहार में महागठबंधन बनने पर विशेष राज्य देने की मांग करते रहे, लेकिन भाजपा के साथ मिलकर एनडीए की सरकार बनाने के बाद मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया.  उन्‍होंने कहा कि आज केंद्र एवं बिहार में एनडीए की सरकारें हैं. फिर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिया जा रहा है। कहा कि अगर नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा के लिए प्रतिबद्ध हैं, तो केंद्र पर दवाब बनाए और बिहार को उसका हक दिलाएं. या फिर भाजपा से नाता तोड़ बिहार के हक की लड़ाई में शामिल हों. गौरतलब है कि इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष कि और से तेजस्वी यादव भी लगातार हमला जारी रखेह हुए है और उनोने अपने एक ट्वीट के जरिये नीतीश कुमार को कहा है कि मिया बीवी और काजी सब राजी फिर भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिलवाना नूराकुश्ती जैसा है जनता सब समझती है. यहाँ तेजस्वी बिहार सरकार और केंद्र सरकार पर साँझा तंज कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में बिहार के विभाजन के समय केंद्र में एनडीए की सरकार थी. नीतीश कुमार केंद्र में वरिष्ठ मंत्री थे. विभाजन के बाद बिहार विधानसभा ने एक सर्वदलीय संकल्प पारित करते हुए बिहार के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की थी, जिसे दिलवाने में नीतीश विफल रहे. उन्‍होंने कहा, 2006 में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई. उसके बाद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विशेष राज्य का दर्जा की मांग को लेकर केंद्र की यूपीए सरकार पर दबाव बनाते रहे. केंद्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद भी इस सवाल को उठाते रहे. 2015 में बिहार में महागठबंधन बनने पर विशेष राज्य देने की मांग करते रहे, लेकिन भाजपा के साथ मिलकर एनडीए की सरकार बनाने के बाद मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया.

उन्‍होंने कहा कि आज केंद्र एवं बिहार में एनडीए की सरकारें हैं. फिर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिया जा रहा है। कहा कि अगर नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा के लिए प्रतिबद्ध हैं, तो केंद्र पर दवाब बनाए और बिहार को उसका हक दिलाएं. या फिर भाजपा से नाता तोड़ बिहार के हक की लड़ाई में शामिल हों. गौरतलब है कि इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष कि और से तेजस्वी यादव भी लगातार हमला जारी रखेह हुए है और उनोने अपने एक ट्वीट के जरिये नीतीश कुमार को कहा है कि मिया बीवी और काजी सब राजी फिर भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिलवाना नूराकुश्ती जैसा है जनता सब समझती है. यहाँ तेजस्वी बिहार सरकार और केंद्र सरकार पर साँझा तंज कर रहे थे.

You May Also Like

English News