बिहार के ADG ने बताया-अापराधिक और नक्सली घटनाओं में आई है कमी

बिहार के एडीजी मुख्यालय, एसके सिंघल ने कहा है कि प्रदेेश में आपराधिक और नक्सली घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि नक्सली घटनाओं में बिहार पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, जुलाई-अगस्त माह में आपराधिक घटनाओं में भी कमी आयी है।बिहार के एडीजी मुख्यालय, एसके सिंघल ने कहा है कि प्रदेेश में आपराधिक और नक्सली घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि नक्सली घटनाओं में बिहार पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, जुलाई-अगस्त माह में आपराधिक घटनाओं में भी कमी आयी है।  सोमवार को मीडिया से मुखातिब एडीजी पुलिस मुख्यालय एसके सिंघल ने  बताया कि इस दौरान एक ओर जहां पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार बरामद करने के साथ 1.7 लाख आरोपितों की गिरफ्तारी की है, वहीं दूसरी ओर 41 पुलिस कर्मियों को कर्तव्यहीनता के आरोप में बर्खास्त किया गया है।  एंटी नक्सल अभियान पर उन्होंने कहा कि नक्सली घटनाओं में बिहार पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वर्ष 2016 से वर्ष 2018 के बीच बिहार में नक्सली घटनाओं में कमी आयी है। इस दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार बरामद किये हैं।  बिहार में विधि-व्यवस्था का रिपोर्टकार्ड पेश करते हुए उन्होंने कहा कि जुलाई-अगस्त माह में लूट, डकैती, दुष्कर्म की घटनाओं में काफी कमी आयी है. वहीं, जनवरी से लेकर जुलाई के बीच करीब 3630 अपराधी दोषी करार दिये गये हैं। तो वहीं जुलाई माह में 11 हजार से ज्यादा लोगों की गवाही हुई है।   पहाड़ी क्षेत्रों व उत्तर प्रदेश में बारिश से बिहार में उफनाईं नदियां, डूबने से 11 की मौत यह भी पढ़ें उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2017 से लेकर अगस्त 2018 के बीच 1.70 लाख आरोपितों की गिरफ्तारी की गयी है। वहीं, उन्होंने बताया कि इस दौरान 41 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त भी किया गया है। मालूम हो कि सूबे में लगातार बढ़ रहे अपराध को लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साधती रही है।  एडीजी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में चार सितंबर को होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई है।

सोमवार को मीडिया से मुखातिब एडीजी पुलिस मुख्यालय एसके सिंघल ने  बताया कि इस दौरान एक ओर जहां पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार बरामद करने के साथ 1.7 लाख आरोपितों की गिरफ्तारी की है, वहीं दूसरी ओर 41 पुलिस कर्मियों को कर्तव्यहीनता के आरोप में बर्खास्त किया गया है।

एंटी नक्सल अभियान पर उन्होंने कहा कि नक्सली घटनाओं में बिहार पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वर्ष 2016 से वर्ष 2018 के बीच बिहार में नक्सली घटनाओं में कमी आयी है। इस दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार बरामद किये हैं।

बिहार में विधि-व्यवस्था का रिपोर्टकार्ड पेश करते हुए उन्होंने कहा कि जुलाई-अगस्त माह में लूट, डकैती, दुष्कर्म की घटनाओं में काफी कमी आयी है. वहीं, जनवरी से लेकर जुलाई के बीच करीब 3630 अपराधी दोषी करार दिये गये हैं। तो वहीं जुलाई माह में 11 हजार से ज्यादा लोगों की गवाही हुई है।

उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2017 से लेकर अगस्त 2018 के बीच 1.70 लाख आरोपितों की गिरफ्तारी की गयी है। वहीं, उन्होंने बताया कि इस दौरान 41 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त भी किया गया है। मालूम हो कि सूबे में लगातार बढ़ रहे अपराध को लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साधती रही है।

एडीजी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में चार सितंबर को होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई है।

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