बीजेपी के साथ रहकर जहर का घूंट पिया – महबूबा मुफ़्ती

जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि उन्होंने 2016 में अपने पिता के निधन के बाद बीजेपी के साथ गठबंधन मजबूरी में जारी रखकर ‘‘जहर का प्याला पिया.’’ साथ ही इस मौके पर पीडीपी में अस्थिरता की खबरों के बीच नेताओं के इस्तीफे के बाद पहली बार शनिवार को कश्मीर में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एक साथ दिखाई दिए.जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि उन्होंने 2016 में अपने पिता के निधन के बाद बीजेपी के साथ गठबंधन मजबूरी में जारी रखकर ‘‘जहर का प्याला पिया.’’ साथ ही इस मौके पर पीडीपी में अस्थिरता की खबरों के बीच नेताओं के इस्तीफे के बाद पहली बार शनिवार को कश्मीर में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एक साथ दिखाई दिए.  देर रात फिर अस्पताल लाये गए अध्यक्ष करूणानिधि    महबूबा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में गठबंधन के फैसले के बाद उन्होंने बेहद दबाव में काम किया और यहां एक सकारात्मक माहौल बनाने की भी कोशिश की. इस कार्यक्रम के दौरान महबूबा ने केंद्र से हुर्रियत के प्रति एक सकारात्मक व्यव्हार इख़्तियार करने की गुंजाईश की.   साथ ही इस मौके पर बीजेपी के साथ गठबंधन के मुद्दे पर महबूबा ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन का फैसला उनके लिए जहर का घूंट पीने के समान था.  यूपी में कहर बनकर आई बारिश, अब तक 39 मौतें    पूर्व जम्मू-कश्मीर सीएम महबूबा ने कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन इसलिए किया था क्योंकि उनकी पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बताया कि यदि वह बीजेपी के साथ सरकार बनाने के मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले के खिलाफ गईं तो वह उनका अपमान करना होगा.

महबूबा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में गठबंधन के फैसले के बाद उन्होंने बेहद दबाव में काम किया और यहां एक सकारात्मक माहौल बनाने की भी कोशिश की. इस कार्यक्रम के दौरान महबूबा ने केंद्र से हुर्रियत के प्रति एक सकारात्मक व्यव्हार इख़्तियार करने की गुंजाईश की.   साथ ही इस मौके पर बीजेपी के साथ गठबंधन के मुद्दे पर महबूबा ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन का फैसला उनके लिए जहर का घूंट पीने के समान था.

पूर्व जम्मू-कश्मीर सीएम महबूबा ने कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन इसलिए किया था क्योंकि उनकी पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बताया कि यदि वह बीजेपी के साथ सरकार बनाने के मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले के खिलाफ गईं तो वह उनका अपमान करना होगा.

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