बीजेपी-जेडीएस की यारी, कांग्रेस के खिलाफ तैयारी

कर्नाटक में JD(S) के दिग्गज नेता एचडी देवगौड़ा के करीब जाने की कोशिश करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेडीएस चीफ की काफी तारीफ की थी और बताया था कि वह उनका काफी सम्मान करते हैं. मगर बदले में, गौड़ा ने कहा कि मोदी भाषण देने की कला में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से ज्यादा तेज हैं. इसका मतलब साफ नहीं है या यु कहे की ये सिर्फ कांग्रेस को भ्रम में रखने के लिए दिया गया भाषण मात्र भी हो सकता है.कर्नाटक में JD(S) के दिग्गज नेता एचडी देवगौड़ा के करीब जाने की कोशिश करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेडीएस चीफ की काफी तारीफ की थी और बताया था कि वह उनका काफी सम्मान करते हैं. मगर बदले में, गौड़ा ने कहा कि मोदी भाषण देने की कला में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से ज्यादा तेज हैं. इसका मतलब साफ नहीं है या यु कहे की ये सिर्फ कांग्रेस को भ्रम में रखने के लिए दिया गया भाषण मात्र भी हो सकता है.     फिर पीएम मोदी ने जेडीएस की तीखी आलोचना की और दावा किया कि पार्टी का कांग्रेस के साथ 'गुप्त समझौता' है. गौड़ा ने जोर देकर कहा कि निजी रिश्ते प्रधानमंत्री के साथ उनके राजनीतिक मतभेदों को कम नहीं कर सकते हैं. दोनों पार्टियों को पता है कि वे एक दूसरे को हटा नहीं सकते हैं.  अब गणित को देखे तो बीजेपी को कर्नाटक में 20% से कम वोट मिलते रहे है वही JD(S) का कब्ज़ा 40% से ज्यादा वोटरों पर है. 2013 में कांग्रेस का 45.8% सीट शेयर था. इस गणित से साफ है कि बीजेपी JD(S) से हाथ मिलाने में कामयाबी हासिल कर लेती है तो कर्नाटक में कॉग्रेस के लिए मुश्किलें तय है. क्योकि मोदी फैक्टर और कांग्रेस की हालिया नाकामयाबियां भी बीजेपी की मददगार साबित हो रही है.

  
फिर पीएम मोदी ने जेडीएस की तीखी आलोचना की और दावा किया कि पार्टी का कांग्रेस के साथ ‘गुप्त समझौता’ है. गौड़ा ने जोर देकर कहा कि निजी रिश्ते प्रधानमंत्री के साथ उनके राजनीतिक मतभेदों को कम नहीं कर सकते हैं. दोनों पार्टियों को पता है कि वे एक दूसरे को हटा नहीं सकते हैं.

अब गणित को देखे तो बीजेपी को कर्नाटक में 20% से कम वोट मिलते रहे है वही JD(S) का कब्ज़ा 40% से ज्यादा वोटरों पर है. 2013 में कांग्रेस का 45.8% सीट शेयर था. इस गणित से साफ है कि बीजेपी JD(S) से हाथ मिलाने में कामयाबी हासिल कर लेती है तो कर्नाटक में कॉग्रेस के लिए मुश्किलें तय है. क्योकि मोदी फैक्टर और कांग्रेस की हालिया नाकामयाबियां भी बीजेपी की मददगार साबित हो रही है. 

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