बीजेपी नेता पुलिस पर बन्दुक रख कहा, थाना फुंकवा दूंगा

2014 में देश में जबसे बीजेपी सरकार आई है उसके बाद लगातार कई राज्यों में बीजेपी ने अपनी सरकार बनाई है उसी लिस्ट में 14 साल के लम्बे अंतराल के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने सरकार बनाई, विकास के दम पर लोगों से वोट मांगने वाली यूपी की बीजेपी सरकार के बड़े नेता तो छोड़ दो, गली मोहल्ले के नेताओं ने भी अपनी गुंडागर्दी से पुरे सिस्टम की हालत बिगाड़ के रखी है. हाल ही में आया मामला बाराबंकी के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहाँ पर बीजेपी नेता ने पुलिस वाले पर पिस्तौल तान दी.2014 में देश में जबसे बीजेपी सरकार आई है उसके बाद लगातार कई राज्यों में बीजेपी ने अपनी सरकार बनाई है उसी लिस्ट में 14 साल के लम्बे अंतराल के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने सरकार बनाई, विकास के दम पर लोगों से वोट मांगने वाली यूपी की बीजेपी सरकार के बड़े नेता तो छोड़ दो, गली मोहल्ले के नेताओं ने भी अपनी गुंडागर्दी से पुरे सिस्टम की हालत बिगाड़ के रखी है. हाल ही में आया मामला बाराबंकी के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहाँ पर बीजेपी नेता ने पुलिस वाले पर पिस्तौल तान दी.  बीजेपी के पूर्व विधायक सुंदर लाल दीक्षित के बेटे पंकज दीक्षित की दबंगई इस हद तक है कि  एसआई शीतला प्रसाद मिश्रा पर अपशब्द का प्रयोग के पिस्तौल तान दी और धमकी देकर कहा कि एक आवाज़ पर थाना फुंकवा दूंगा. पंकज दीक्षित पर आरोप है कि उन्होंने किसी की जमीं गुंडागर्दी से अपने नाम कर ली है.   इस मामले में पंकज दीक्षित से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने इस बारे में साफ इंकार करते हुए कहा है कि 'मैं बीजेपी का नगर अध्यक्ष हूँ, मुझे किसी पुलिस वाले पर पिस्तौल तान कर क्या मिलेगा. मेरी एक आवाज पर हजारों कार्यकर्त्ता खड़े हो जाए." यूपी में इस तरह का पहला मामला नहीं है, कई मामलों में बीजेपी नेताओं कि गुंडागर्दी सामने आई लेकिन योगी सरकार को शायद यह सब कुछ अच्छा लगता है यही कारण है कि किसी पर कोई कार्यवाही नहीं होती है.

बीजेपी के पूर्व विधायक सुंदर लाल दीक्षित के बेटे पंकज दीक्षित की दबंगई इस हद तक है कि  एसआई शीतला प्रसाद मिश्रा पर अपशब्द का प्रयोग के पिस्तौल तान दी और धमकी देकर कहा कि एक आवाज़ पर थाना फुंकवा दूंगा. पंकज दीक्षित पर आरोप है कि उन्होंने किसी की जमीं गुंडागर्दी से अपने नाम कर ली है. 

इस मामले में पंकज दीक्षित से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने इस बारे में साफ इंकार करते हुए कहा है कि ‘मैं बीजेपी का नगर अध्यक्ष हूँ, मुझे किसी पुलिस वाले पर पिस्तौल तान कर क्या मिलेगा. मेरी एक आवाज पर हजारों कार्यकर्त्ता खड़े हो जाए.” यूपी में इस तरह का पहला मामला नहीं है, कई मामलों में बीजेपी नेताओं कि गुंडागर्दी सामने आई लेकिन योगी सरकार को शायद यह सब कुछ अच्छा लगता है यही कारण है कि किसी पर कोई कार्यवाही नहीं होती है. 

 

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