बीजेपी से हाथ छूटा, तो मेहबूबा को याद आए अटलजी

जम्मू कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी का गठबंधन टूटने के बाद से पीडीपी नेता बीजेपी के खिलाफ विवादित बयान दे रहे हैं. इसी क्रम में अब जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि बीजेपी के साथ गठबंधन करना उनका सबसे गलत फैसला था, जिस कारण वे 2 साल तक पीड़ित रहीं, अगर उनके शब्द में कहें तो “ये ज़हर पीने जैसा था.”जम्मू कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी का गठबंधन टूटने के बाद से पीडीपी नेता बीजेपी के खिलाफ विवादित बयान दे रहे हैं. इसी क्रम में अब जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि बीजेपी के साथ गठबंधन करना उनका सबसे गलत फैसला था, जिस कारण वे 2 साल तक पीड़ित रहीं, अगर उनके शब्द में कहें तो "ये ज़हर पीने जैसा था."  View image on Twitter View image on Twitter  ANI ✔ @ANI  Mufti Sahab agreed to join hands with BJP again because we had a good alliance during Vajpayee ji reign.But this time,it was a difficult decision.Forming an alliance with BJP was like drinking poison.I suffered during the 2 years 2 months of alliance: Mehbooba Mufti,former J&K CM  1:27 PM - Jul 30, 2018 75 44 people are talking about this Twitter Ads info and privacy    घोटालों के 'लाल' लालू प्रसाद को IRCTC घोटाले में मिला समन    मेहबूबा मुफ़्ती ने कहा कि मुफ़्ती साहब ने उन्हें बीजेपी से हाथ मिलाने की सलाह दी थी, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय जब पीडीपी ने भाजपा से हाथ मिलाया था तो ये एक सुखद गठबंधन था, लेकिन मोदी सरकार के साथ जो गठबंधन किया गया, वो ज़हर का घूँट पीने जैसा था. पीडीपी और बीजेपी का ये गठबंधन 2 साल 2 महीने चला था. इस गठबंधन के टूटने के कई कारण बताए जा रहे हैं, जिसमे मेहबूबा का पाकिस्तान के साथ संवाद की वकालत करना, पत्थरबाजों से नरमी बरतने की सलाह देना,रमजान में संघर्षविराम की पहल करना जैसी बातें शामिल हैं.  क्या बीजेपी में शामिल हो सकते है अमर सिंह..    आपको बता दें कि गठबंधन टूटने के बाद से बौखलाए पीडीपी नेता, केंद्र के खिलाफ इसी तरह के ज़हर उगल रहे हैं. इससे पहले  पीडीपी नेता मुजफ्फर हुसैन बेग ने भी मॉब लिंचिंग को लेकर केंद्र को एक और बंटवारे की चेतावनी देते हुए कहा था कि 'गाय और भैंस के नाम पर मुसलमानों के कत्‍ल बंद करें वरना नतीजे अच्‍छे नहीं होंगे, 1947 में एक बंटवारा पहले ही हो चुका है.

मेहबूबा मुफ़्ती ने कहा कि मुफ़्ती साहब ने उन्हें बीजेपी से हाथ मिलाने की सलाह दी थी, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय जब पीडीपी ने भाजपा से हाथ मिलाया था तो ये एक सुखद गठबंधन था, लेकिन मोदी सरकार के साथ जो गठबंधन किया गया, वो ज़हर का घूँट पीने जैसा था. पीडीपी और बीजेपी का ये गठबंधन 2 साल 2 महीने चला था. इस गठबंधन के टूटने के कई कारण बताए जा रहे हैं, जिसमे मेहबूबा का पाकिस्तान के साथ संवाद की वकालत करना, पत्थरबाजों से नरमी बरतने की सलाह देना,रमजान में संघर्षविराम की पहल करना जैसी बातें शामिल हैं.

आपको बता दें कि गठबंधन टूटने के बाद से बौखलाए पीडीपी नेता, केंद्र के खिलाफ इसी तरह के ज़हर उगल रहे हैं. इससे पहले  पीडीपी नेता मुजफ्फर हुसैन बेग ने भी मॉब लिंचिंग को लेकर केंद्र को एक और बंटवारे की चेतावनी देते हुए कहा था कि ‘गाय और भैंस के नाम पर मुसलमानों के कत्‍ल बंद करें वरना नतीजे अच्‍छे नहीं होंगे, 1947 में एक बंटवारा पहले ही हो चुका है.

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