बीते एक सालों में जेएनयू में बढ़े यौन उत्पीड़न के मामले

बीते एक सालों में जेएनयू में बढ़े यौन उत्पीड़न के मामले । वैसे तो लड़कियों के लिए सबसे जगह दो ही सुरक्षित मानी जाती है एक तो उनका खुदका घर और दूसरा उनका कॉलेज यूनिवर्सिटी। लेकिन जब यूनिवर्सिटीज में भी दरिंदों की दरिंदगी रंग दिखाए तो बेचारी वहां पढ़ने वाली महिलाएं क्या करेंगी। जैसे-जैसे देश दुनिया में रेप जैसे मामले में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ठीक उसी तरह आपको बता दें कि यूनिवर्सिटी में भी यौन उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ गई हैं।बीते एक सालों में जेएनयू में बढ़े यौन उत्पीड़न के मामले

साल 2015-16 में इस यूनिवर्सिटी में यौन उत्पीड़न के कुल 39 मामले दर्ज किए गए हैं जो किसी भी यूनिवर्सिटी के लिए एक रिकॉर्ड है। इस वर्ष में 2015-16 में अब तक जेएनयू में यौन उत्पीड़न की 39 शिकायतें सामने आई हैं। यह आंकड़ा भारत के किसी भी विश्वविद्यालय में सबसे अधिक है। 2014-15 में जेएनयू में यौन उत्पीड़न के 26 और 2013-15 में 25 मामले सामने आए थे।

मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी ने संसद में जानकारी दी थी कि दो साल में शिक्षण संस्थानों में से जेएनयू में सर्वाधिक यौन उत्पीड़न के मामले देखने को मिले। जेएनयू में इस तरह के मामलों को देखने वाली GSCASH की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कमिटी को जनवरी 2015 से मार्च 2016 के बीच यौन उत्पीड़न के 42 मामले मिले।

बीते साल भी यौन उत्पीड़न के सबसे ज्यादा मामलों की वजह से विवादों में रहा था। इस पर जेएनयू के अधिकारियों ने कहा था कि ऐसे मामले इसलिए ज्यादा सामने आ रहे हैं क्योंकि यहां शिकायतों को दर्ज कराने की संस्था, बाकी के संस्थानों की तुलना में ज्यादा सक्रिय है।

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