बीसीसीआई के बर्खास्त होने के बाद अनुराग ठाकुर को लग सकता है एक और झटका

सुप्रीम कोर्ट ने लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करने में नाकाम रहने और कोर्ट की अवमानना करने के मामले में बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर व सचिव अजय शिर्के को पद से हटा दिया। इस फैसले को कुछ लोग ऐतिहासिक फैसला मान रहे हैं।बीसीसीआई के बर्खास्त होने के बाद अनुराग ठाकुर को लग सकता है एक और झटका

 हालांकि, इसके बाद भी अनुराग ठाकुर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। कोर्ट ने ठाकुर को अवमानना नोटिस भी जारी किया। इसमें उनसे पूछा गया कि उन्हें सिफारिशें लागू करने की राह में रोड़े अटकाने का दोषी क्यों नहीं माना जाए। ठाकुर को 19 जनवरी तक अपना जवाब देना है।
 इसके साथ ही अनुराग ठाकुर की एक और जगह से छुट्टी होनी तय मानी जा रही है। संभव है कि ठाकुर को हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद से भी हाथ धोना पड़ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो यह अनुराग ठाकुर के लिए बड़ा झटका होगा।
 लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुसार, कोई व्यक्ति 9 साल तक ही राज्य क्रिकेट संध का अध्यक्ष रह सकता है। अनुराग 16 वर्षों से एचपीसीए अध्यक्ष हैं। ऐसे में उनकी एचपीसीए से भी छुट्टी होनी तय है। इस सिफारिश बोर्ड लगातार विरोध करता रहा है।

 22 मई को बीसीसीआई की स्पेशल जनरल मीटिंग में अनुराग ठाकुर को सर्वसम्मति अध्यक्ष चुना गया था। 41 वर्षीय ठाकुर बीसीसीआई के दूसरे सबसे कम उम्र के अध्यक्ष थे। उन्हें इस पद पर सितंबर 2017 तक रहना था। इससे पहले वह बीसीसीआई के सचिव थे।

 

 

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