बेटियों के पापा के लिए अच्छी खबर, सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ लेना हुआ और आसान

दिल्ली: भारत सरकार ने बच्चियों की शिक्षा के लिए बचत करने वाली एक योजना सुकन्या समृद्धि योजना जनवरी 2015 में शुरू की थी. यह योजना काफी चर्चित रही है. सरकार ने हाल में इस योजना से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किए हैं. यह बदलाव अकाउंट खोलने के लिए न्यूनतम राशि से और सालाना न्यूनतम जमा राशि को लेकर किए गए हैं.दिल्ली: भारत सरकार ने बच्चियों की शिक्षा के लिए बचत करने वाली एक योजना सुकन्या समृद्धि योजना जनवरी 2015 में शुरू की थी. यह योजना काफी चर्चित रही है. सरकार ने हाल में इस योजना से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किए हैं. यह बदलाव अकाउंट खोलने के लिए न्यूनतम राशि से और सालाना न्यूनतम जमा राशि को लेकर किए गए हैं.  लाइव मिंट की खबर के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना में नवंबर 2017 तक 1.26 करोड़ से भी अधिक खाते थे, जिसमें करीब 19,183 करोड़ रुपये जमा हैं. इस खास योजना से जुड़ी कौन-कौन सी खास बातें हैं, इसपर एक नजर डालते हैं.  महज 250 रुपये में खुलेगा अकाउंट सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़े नियमों में यह सबसे अहम बदलाव है. पहले इस योजना के तहत अकाउंट खोलने के लिए 1000 रुपये जमा करने पड़ते थे. लेकिन, अब आप अपनी बच्ची के लिए यह अकाउंट महज 250 रुपये में ही खोल सकते हैं. नियम में यह बदलाव सुकन्या समृद्धि योजना (संशोधन) कानून, 2018 के अन्तर्गत किया गया है.   सालाना जमा राशि की सीमा भी घटी सरकार की तरफ से आम लोगों को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना आधार पर न्यूनतम राशि रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है. पहले सालाना 1000 रुपये न्यूनतम जमा होना अनिवार्य बनाया गया था. लेकिन, अब इसे भी घटाकर महज 250 रुपये कर दिया गया है. नए नियम 6 जुलाई 2018 से प्रभाव में हैं.  हर तिमाही ब्याज तय होगा शुरुआत में सुकन्या समृद्धि योजना में अकाउंट पर ब्याज सालाना आधार पर मिलता था. लेकिन नए नियम के मुताबिक, सरकार इस योजना के तहत जमा राशि पर हर तिमाही नए सिरे से ब्याज का निर्धारण करेगी. ऐसा प्रावधान अन्य छोटी बचत योजनाओं जैसे- पीपीएफ, और सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम आदि में पहले से है. फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना में 8.1 प्रतिशत का ब्याज (चक्रवृद्धि) सालाना मिलता रहा है.   टैक्स में भी मिलेगी राहत जहां एक तरफ सुकन्या समृद्धि योजना में ब्याज के निर्धारण के नियम बदले गए तो दूसरी तरफ बच्ची के माता-पिता के लिए टैक्स छूट का भी प्रावधान किया गया है. इस प्रावधान ने सुकन्या समृद्धि योजना को आम लोगों में और ज्यादा आकर्षित किया है.  यह योजना आयकर नियम की धारा 80C के तहत एक वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये तक की टैक्स छूट के दायरे में है. पूरा ब्याज और परिपक्वता राशि भी कर दायरे से बाहर है. इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं.  इसे भी पढ़ें: एफडी अच्‍छी या सुकन्‍या समृद्धि योजना : जानिए कौन दे रहा ज्‍यादा अच्‍छा रिटर्न  15 साल के लिए होता है अकाउंट सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अकाउंट में 15 साल तक के लिए राशि जमा की जा सकती है. इसके बाद तय किए गए मानक के रूप में अकाउंट पर सिर्फ ब्याज ही मिलता रहेगा. इस योजना के तहत अकाउंट की परिपक्वता 21 साल पूरा होने पर होगी.  10 साल तक उम्र तक खोल सकते हैं अकाउंट सुकन्या समृद्धि योजना के अन्तर्गत बच्ची की जन्म तिथि से लेकर अधिकतम 10 साल तक की बच्ची का अकाउंट खुल सकता है. माता-पिता या अभिभावक बच्ची के नाम पर अकाउंट खोल सकते हैं. साथ ही पोस्ट ऑफिस या बैंक में दो बच्ची के नाम पर दो से अधिक अकाउंट नहीं खुल सकता.  सीमित राशि निकालने का है प्रावधान इस योजना के तहत अकाउंट से राशि की निकासी बच्ची के 18 साल की उम्र पूरी होने के समय निकाल सकते हैं. यह भी शिक्षा या विवाह के खर्च के तौर पर ही निकाल सकते हैं. यह निकासी 50 प्रतिशत होगी.

लाइव मिंट की खबर के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना में नवंबर 2017 तक 1.26 करोड़ से भी अधिक खाते थे, जिसमें करीब 19,183 करोड़ रुपये जमा हैं. इस खास योजना से जुड़ी कौन-कौन सी खास बातें हैं, इसपर एक नजर डालते हैं.

महज 250 रुपये में खुलेगा अकाउंट
सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़े नियमों में यह सबसे अहम बदलाव है. पहले इस योजना के तहत अकाउंट खोलने के लिए 1000 रुपये जमा करने पड़ते थे. लेकिन, अब आप अपनी बच्ची के लिए यह अकाउंट महज 250 रुपये में ही खोल सकते हैं. नियम में यह बदलाव सुकन्या समृद्धि योजना (संशोधन) कानून, 2018 के अन्तर्गत किया गया है.

सालाना जमा राशि की सीमा भी घटी
सरकार की तरफ से आम लोगों को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना आधार पर न्यूनतम राशि रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है. पहले सालाना 1000 रुपये न्यूनतम जमा होना अनिवार्य बनाया गया था. लेकिन, अब इसे भी घटाकर महज 250 रुपये कर दिया गया है. नए नियम 6 जुलाई 2018 से प्रभाव में हैं.

हर तिमाही ब्याज तय होगा
शुरुआत में सुकन्या समृद्धि योजना में अकाउंट पर ब्याज सालाना आधार पर मिलता था. लेकिन नए नियम के मुताबिक, सरकार इस योजना के तहत जमा राशि पर हर तिमाही नए सिरे से ब्याज का निर्धारण करेगी. ऐसा प्रावधान अन्य छोटी बचत योजनाओं जैसे- पीपीएफ, और सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम आदि में पहले से है. फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना में 8.1 प्रतिशत का ब्याज (चक्रवृद्धि) सालाना मिलता रहा है. 

टैक्स में भी मिलेगी राहत
जहां एक तरफ सुकन्या समृद्धि योजना में ब्याज के निर्धारण के नियम बदले गए तो दूसरी तरफ बच्ची के माता-पिता के लिए टैक्स छूट का भी प्रावधान किया गया है. इस प्रावधान ने सुकन्या समृद्धि योजना को आम लोगों में और ज्यादा आकर्षित किया है.

यह योजना आयकर नियम की धारा 80C के तहत एक वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये तक की टैक्स छूट के दायरे में है. पूरा ब्याज और परिपक्वता राशि भी कर दायरे से बाहर है. इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं.

15 साल के लिए होता है अकाउंट
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अकाउंट में 15 साल तक के लिए राशि जमा की जा सकती है. इसके बाद तय किए गए मानक के रूप में अकाउंट पर सिर्फ ब्याज ही मिलता रहेगा. इस योजना के तहत अकाउंट की परिपक्वता 21 साल पूरा होने पर होगी.

10 साल तक उम्र तक खोल सकते हैं अकाउंट
सुकन्या समृद्धि योजना के अन्तर्गत बच्ची की जन्म तिथि से लेकर अधिकतम 10 साल तक की बच्ची का अकाउंट खुल सकता है. माता-पिता या अभिभावक बच्ची के नाम पर अकाउंट खोल सकते हैं. साथ ही पोस्ट ऑफिस या बैंक में दो बच्ची के नाम पर दो से अधिक अकाउंट नहीं खुल सकता.

सीमित राशि निकालने का है प्रावधान
इस योजना के तहत अकाउंट से राशि की निकासी बच्ची के 18 साल की उम्र पूरी होने के समय निकाल सकते हैं. यह भी शिक्षा या विवाह के खर्च के तौर पर ही निकाल सकते हैं. यह निकासी 50 प्रतिशत होगी.

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