बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का असर, 85000 ब्रांच बंद, ATM समेत तमाम सेवाएं बाध‍ित

वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने हड़ताल शुरू कर दी है. इस हड़ताल का असर भी दिखना शुरू हो गया है. दो दिन चलने वाली इनकी हड़ताल की वजह से 85 हजार बैंक शाखाएं आज और कल बंद रहने वाली हैं. इसकी वजह से लोगों को बैंक से जुड़ी कई सेवाएं लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने हड़ताल शुरू कर दी है. इस हड़ताल का असर भी दिखना शुरू हो गया है. दो दिन चलने वाली इनकी हड़ताल की वजह से 85 हजार बैंक शाखाएं आज और कल बंद रहने वाली हैं. इसकी वजह से लोगों को बैंक से जुड़ी कई सेवाएं लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.  भारतीय स्टेट बैंक समेत कुछ निजी बैंकों की शाखाएं भी आज और कल बंद रहेंगी. ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के एक वरिष्ठ अध‍िकारी ने दावा किया कि इस हड़ताल की वजह से हर दिन 39 लाख इंस्ट्रमेंट्स के क्लीयरेंस पर असर पड़ेगा. ये इंस्ट्रमेंट्स 21,700 करोड़ रुपये की वैल्यू के हैं.  एटीएमों में पैसे डालने का काम करने वाली कंपनी फाइनेंश‍ियल सॉफ्टवेयर एंड स‍िस्टम्स के अध्यक्ष वी. बालासुब्रमण्यन ने कहा कि हड़ताल की वजह से कैश की किल्लत न हो. इसके लिए एटीएमों को तैयार किया जा रहा है. उन्होंने बताया, '' निजी बैंक एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक लगातार इसको लेकर काम कर रहे हैं.''  उन्होंने बताया कि बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का हमें पहले से ही पता था. इसलिए हमने इन हालात से निपटने की तैयारी कर ली थी. इसके लिए हमने बैंकों से पहले ही कैश जमा कर लिया था, ताकि समय पर इसे एटीएम में डाला जा सके.  दरअसल वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच सहमति नहीं बन पाई है. इसके बाद 10 लाख से भी ज्यादा बैंक कर्मचारी 30 मई यानी आज से हड़ताल पर जा चुके हैं. इनकी यह हड़ताल दो दिन चलने वाली है.  इस हड़ताल को लेकर भारतीय स्टेट बैंक , कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा और पंजाब एंड स‍िंध बैंक पहले ही कह चुके थे कि उनके यहां बैंक‍िंग सेवाओं पर इसका असर देखने को मिल सकता है. उन्होंने कहा था कि हड़ताल करने वाले कर्मचारियों में से उनके बैंक के भी कर्मचारी हैं.  बैंक यूनियन AIBOC के जनरल सेक्रेटरी रविंदर गुप्ता ने कहा कि हमने हड़ताल को लेकर आईबीए को 25 दिन पहले ही नोट‍िस दे दिया था, लेकिन आईबीए इस दौरान बैंक कर्मचारियों के साथ समझौता करने में विफल रहा. उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों को उनकी मेहनत के बराबर वेतन बढ़ोतरी नहीं दी जा रही है.  बैंक‍ यूनियनों के मुताबिक इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने उनके वेतन में 2 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है. उनका कहना है कि यह ना के बराबर है. इसी के विरोध में उनकी हड़ताल है.  यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) में बैंक कर्मचारियों की कई यूनियनें शामिल हैं. इसमें ऑल इंडिया बैंक ऑफ‍िसर्स कंफेडरेशन (AIBOC), ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW) समेत अन्य कई यूनियनें आती हैं.

भारतीय स्टेट बैंक समेत कुछ निजी बैंकों की शाखाएं भी आज और कल बंद रहेंगी. ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के एक वरिष्ठ अध‍िकारी ने दावा किया कि इस हड़ताल की वजह से हर दिन 39 लाख इंस्ट्रमेंट्स के क्लीयरेंस पर असर पड़ेगा. ये इंस्ट्रमेंट्स 21,700 करोड़ रुपये की वैल्यू के हैं.

एटीएमों में पैसे डालने का काम करने वाली कंपनी फाइनेंश‍ियल सॉफ्टवेयर एंड स‍िस्टम्स के अध्यक्ष वी. बालासुब्रमण्यन ने कहा कि हड़ताल की वजह से कैश की किल्लत न हो. इसके लिए एटीएमों को तैयार किया जा रहा है. उन्होंने बताया, ” निजी बैंक एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक लगातार इसको लेकर काम कर रहे हैं.”

उन्होंने बताया कि बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का हमें पहले से ही पता था. इसलिए हमने इन हालात से निपटने की तैयारी कर ली थी. इसके लिए हमने बैंकों से पहले ही कैश जमा कर लिया था, ताकि समय पर इसे एटीएम में डाला जा सके.

दरअसल वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच सहमति नहीं बन पाई है. इसके बाद 10 लाख से भी ज्यादा बैंक कर्मचारी 30 मई यानी आज से हड़ताल पर जा चुके हैं. इनकी यह हड़ताल दो दिन चलने वाली है.

इस हड़ताल को लेकर भारतीय स्टेट बैंक , कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा और पंजाब एंड स‍िंध बैंक पहले ही कह चुके थे कि उनके यहां बैंक‍िंग सेवाओं पर इसका असर देखने को मिल सकता है. उन्होंने कहा था कि हड़ताल करने वाले कर्मचारियों में से उनके बैंक के भी कर्मचारी हैं.

बैंक यूनियन AIBOC के जनरल सेक्रेटरी रविंदर गुप्ता ने कहा कि हमने हड़ताल को लेकर आईबीए को 25 दिन पहले ही नोट‍िस दे दिया था, लेकिन आईबीए इस दौरान बैंक कर्मचारियों के साथ समझौता करने में विफल रहा. उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों को उनकी मेहनत के बराबर वेतन बढ़ोतरी नहीं दी जा रही है.

बैंक‍ यूनियनों के मुताबिक इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने उनके वेतन में 2 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है. उनका कहना है कि यह ना के बराबर है. इसी के विरोध में उनकी हड़ताल है.

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) में बैंक कर्मचारियों की कई यूनियनें शामिल हैं. इसमें ऑल इंडिया बैंक ऑफ‍िसर्स कंफेडरेशन (AIBOC), ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW) समेत अन्य कई यूनियनें आती हैं.

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