ब्रेन ट्यूमर के बारे में जरूर जानिए ये 5 बातें…

  1. क्या है ब्रेन ट्यूमरब्रेन ट्यूमर के बारे में जरूर जानिए ये 5 बातें...

 

आपके आसपास ही मौजूद हैं कैंसर के खतरे, जानिए क्या…

ब्रेन ट्यूमर यानी मस्तिष्क कैन्सर एक खतरनाक रोग है। समय रहते इसका इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा भी हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर 3 से 12 या 15 वर्ष की आयु में अथवा 50 वर्ष की आयु के बाद होता है। यह रोग महिला और पुरुष को समान रूप से हो सकता है। यह रोग विशेष प्रकार के विषाणु के संक्रमण से हो सकता है या प्रदूषित पदार्थों का श्वसन क्रिया के साथ प्रवेश करना रोग की उत्पत्ति का कारण हो सकता है। सिर दर्द के लक्षण को लोग साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोग इसे सामान्य हेडेक समझकर नजरअंदाज करते हैं जो कि घातक हो सकता है। इस स्लाइडशो में हम आपको ब्रेन ट्यूमर के बारे में कुछ खास बातें बता रहे हैं।सभी ब्रेन ट्यूमर कैंसरस नहीं होते हैं

ब्रेन ट्यूमर का मतलब यह नहीं होता कि कैंसर हो गया है, यानी सभी ब्रेन ट्यूमर कैंसर के लिए जिम्मेदार कारक नहीं हो सकते हैं। कुछ में यह बिनाइन यानी शुरूआती अवस्था में होता है, इसका उपचार आसानी से हो सकता है। जबकि मेलिगनेंट खतरनाक होता है और तेजी से फैलता है, जिसका उपचार आसानी से नहीं हो सकता है। 

 

बिनाइन ट्यूमर भी हो सकता है खतरनाक

अगर आप यह मानते हैं कि ब्रेन ट्यूमर शुरूआती अवस्था में है तो यह खतरनाक नहीं हो सकता, तो आप गलत हैं। दरअसल मस्तिष्क में अधिक जगह होती है और इसके अंदर और बाहर होने वाला ट्यूमर दिमाग को प्रभावित करता है। अगर यह कैंसरस नहीं है तो भी इसके कारण देखने की क्षमता कमजोर हो जाती है, बोलने में समस्या होती है, शरीर कमजोर हो जाता है।  

 

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दूसरे अंग भी होते हैं प्रभावित

ब्रेन ट्यूमर के कारण शरीर के दूसरे अंग भी प्रभावित होते हैं। ब्रेन शरीर का महत्व पूर्ण हिस्सा है और यह शरीर के दूसरे अंगों को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए अगर दिमाग में किसी तरह की समस्या हो तो पूरा शरीर प्रभावित होता है। इसके अलावा ब्रेन ट्यूमर खतरनाक स्टेज में आने के बाद रक्‍त कोशिकाओं के जरिये शरीर के दूसरे अंगों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। 

 

फोन स्थिति को नहीं करता बदतर

 

आपने भले ही कई बार यह सुना हो कि फोन के अधिक प्रयोग के कारण कैंसर हो सकता है, तो उन बातों को नजरअंदाज कर दीजिए, खासकर ब्रेन ट्यूमर के मामले में। क्योंकि अभी तक इस बात का ठोस प्रमाण नहीं मिला है कि फोन पर अधिक बात करने से ब्रेन ट्यूमर हो सकता है। 

 

क्या ब्रेन ट्यूमर से बचाव हो सकता है

 

ब्रेन ट्यूमर से बचाव का कोई तरीका नहीं है। यानी अगर आप चाहें कि आपको ब्रेन ट्यूमर न हो तो भी आप इससे बच नहीं सकते हैं। हालांकि रेडिएशन से बचाव करके कुछ हद तक इससे बचा जा सकता है वो भी 18 साल की उम्र तक। चूंकि यह सभी को नहीं होता, इसलिए इससे घबराने की भी जरूरत नहीं है। 

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