बड़ा खुलासा: फर्जी बैंक खातों को खुद ऑपरेट करता था पूर्व कांग्रेस MLA

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के सामने कांग्रेस नेता व तीन बार विधायक रहे राजेश जैन ने कई बड़े खुलासे किए हैं। कांग्रेस नेता ने नोटबंदी के बाद फर्जी फर्मों के नाम 40 से 50 बैंक खाते खुलवाए थे।बड़ा खुलासा: फर्जी बैंक खातों को खुद ऑपरेट करता था पूर्व कांग्रेस MLAएक बार फिर सिंथेटिक ड्रग मामला आया सुर्खियों में, HC ने दिए जांच के आदेश

इन फर्जी बैंक खातों के जरिये उन्होंने करोड़ों रुपये के पुराने नोट बदलवाए। अपराध शाखा अधिकारियों ने बताया कि अभी तक ये सामने आ चुका है कि 20 से 25 बैंक खाते कांग्रेसी नेता से जुड़े हुए हैं और दो बैंक खाते उनके खुद के हैं। इन खातों से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये के पुराने नोटों को नए नोटों में बदलवाया गया।

अपराध शाखा के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि राजेश जैन पुराने नोटों को बदलवाने के लिए कुल रकम का 10 से 15 प्रतिशत कमीशन लेता था। जैन ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कनॉट प्लेस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक और नया बाजार स्थित बैक में फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाए।

बैंक खाते फर्जी फर्म नाम व पते से खुलवाए गए
बैंक खाते फर्जी फर्म नाम व पते से खुलवाए गए। फर्मों के नाम खुलवाए गए इन बैंक खातों में पुराने नोट जमा करवाए जाते थे। इसके बाद लोगों को बैंक से डीडी बनवा कर दिए जाते थे। उस समय तय सीमा से ज्यादा नए नोट बैंक से नहीं निकाले जा सकते थे।

इनके साथ कनॉट प्लेस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक का मैनेजर आशीष मिला हुआ था। आरोपी आशीष ने गिरफ्तारी के समय बताया था कि आरोपी फर्मों के नाम डीडी न बनवा कर व्यक्तिगत नाम से बनवाते थे। उसे लगा था कि वह ऐसा कर फंस जाएगा।

इस कारण उसने पुराने नोट जमा करने से मना कर दिया था। अगर आरोपी फर्म के नाम डीडी बनवाते तो वह पुराने नोट और जमा करवा लेता। अपराध शाखा की जांच में शुरू से ही ये बात सामने आ रही थी कि इस फर्जीवाडे़ में राजनीतिक नेता शामिल हो सकते हैं। पूछताछ में ये बात भी आई है कि इन फर्जी बैंक खातों में विदेश से आई हवाला की रकम भी जमा करवाई गई थी। कांग्रेस नेता का साथ एक सीए देता था।

फर्जी कंपनी खुलवाकर पुराने नोटों को बदलवाने का आरोप
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सदर विधानसभा से पूर्व कांग्रेस विधायक राजेश जैन को गिरफ्तार किया है। जैन पर फर्जी कंपनियां खोलकर 1000 व 500 के पुराने नोटों को नए नोटों में बदलवाने का आरोप है।

गिरफ्तारी के बाद तबीयत खराब होने पर जैन को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने पूर्व विधायक राजेश जैन के गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

अपराध शाखा ने कनॉट प्लेस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में फर्जी तरीके से खुलवाए गए नौ बैंक खातों में 34 करोड़ के पुराने नोट जमा कराने के मामले में 25 दिसंबर, 2016 में जालसाजी, धोखाधड़ी और केंद्रीय वित्त मंत्रालय व रिजर्व बैंक के आदेशों का उल्लंघन करने को लेकर एफआईआर दर्ज की थी।

34 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराए थे
कनॉट प्लेस की अंबादीप बिल्डिंग स्थित कोटक महिंद्रा स्थित बैंक में बैंक मैनेजर आशीष ने 34 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराए थे। पुलिस इस मामले में राजकुमार गोयल, व्यवसायी योगेश मित्तल, बैंक मैनेजर आशीष, आरसी शर्मा समेत करीब पांच लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

अपराध शाखा के डीसीपी डा. रामगोपाल नायक के अनुसार जांच के दौरान कांग्रेस नेता राजेश जैन का नाम सामने आया था। अपराध शाखा की आरकेपुरम यूनिट ने मंगलवार को जैन को पूछताछ के लिए बुलाया था। गिरफ्तारी के बाद पूर्व विधायक की तबीयत खराब हो गई।

इसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि जैन के शरीर में शूगर कम हो गई है। तबीयत ठीक होने पर पुलिस उन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश करेगी। जैन सदर विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। 

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