#बड़ी खबर: अगले महीने से बिगड़ेगा आपके किचन का बजट, रिफाइंड तेल पर पड़ेगी महंगाई की मार

अगले महीने से आपके किचन का बजट बिगड़ने वाला है। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादातर खाद्य तेल बेचने वाली कंपनियां रिफाइंड तेल की कीमतों में बढ़ोतरी करने वाली है। अगले महीने से सभी प्रकार के रिफाइंड तेल में कम से कम 5 फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। #बड़ी खबर: अगले महीने से बिगड़ेगा आपके किचन का बजट, रिफाइंड तेल पर पड़ेगी महंगाई की मार

इस वजह से बढ़ सकती हैं कीमतें

मलेशिया ने पॉम ऑयल पर 5 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने का फैसला किया है, जो कि 7 अप्रैल से लागू हो जाएगा। अभी तक मलेशिया से जो पॉम ऑयल एक्सपोर्ट होता था, उस पर किसी तरह की ड्यूटी नहीं लगती थी। लेकिन अब यह फ्री नहीं होगा। 

भारत सबसे बड़ा इंपोर्टर
भारत पॉम ऑयल का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। बाजार में जितने भी रिफाइंड ऑयल बिकते हैं, उनमें पॉम ऑयल को मिक्स करके बेचा जाता है। मलेशिया के प्लांटेशन इंडस्ट्रीज एंड कमोडिटीज मंत्री दातुक सेरी माह सीयू ने क्वालालंपुर में संवाददाताओं से बातचीत में फिर अपनी बात दोहराई है कि कच्चे पॉम ऑयल का निशुल्क निर्यात सात अप्रैल के बाद जारी रखने की सरकार की कोई योजना नहीं है। 

सरकार ने बढ़ा दी थी इंपोर्ट ड्यूटी
एक मार्च को भारत सरकार ने क्रूड पॉम ऑयल पर इंपोर्ट ड्यूटी को 30 फीसदी से बढ़ाकर 44 फीसदी और रिफाइंड पॉम ऑयल पर 40 फीसदी से बढ़ाकर 54 फीसदी कर दिया था। खाद्य तेल उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने जनवरी 2018 में 10.96 लाख टन कच्चे पॉम ऑयल का आयात किया था जबकि इस महीने 1.5 लाख टन से ज्यादा का इंपोर्ट किया गया था।  

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