बड़ी खबर: जयललिता की मौत का सच आया सामने…..

जयललिता की हत्या के आरोप लग रहे हैं। एआईएडीएमके से निकाली जा चुकीं सांसद शशिकला पुष्पा ने जयललिता की मौत की सीबीआई से या फिर ज्युडीशियल इन्क्वायरी की मांग की है। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की है। जिसमें दावा किया है, “जयललिता की मौत संदिग्ध हालात में हुई, अंतिम संस्कार के फोटोज को देखने से पता चलता है कि उनके शरीर पर निशान थे।”

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इलाज से लेकर मौत तक हर बात छिपाई गई…

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, राज्यसभा सांसद शशिकला ने पिटीशन में कहा है, “हॉस्पिटल में जयललिता के पास किसी को जाने की इजाजत नहीं थी।”  “हॉस्पिटल में भर्ती होने से लेकर उनकी मौत होने तक हर बात को छिपाया गया, उनकी असली मेडिकल कंडीशन का खुलासा नहीं किया गया।”  शशिकला पुष्पा ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट जयललिता की हेल्थ रिपोर्ट और इलाज के डिटेल्स का खुलासा करने के लिए केंद्र सरकार, तमिलनाडु सरकार और अपोलो हॉस्पिटल को निर्देश दे और उनसे सीलबंद रिपोर्ट तलब करे। बता दें कि जयललिता का 5 दिसंबर को निधन हो गया था। वो 22 सितंबर से चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में एडमिट थीं।

इससे पहले, जयललिता की मौत को लेकर इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एक और पिटीशन दायर हुई थी। तमिलनाडु तेलुगू युवा शक्ति की ओर से दायर पिटीशन में दावा किया गया है कि जिन हालात में सीएम जयललिता की मौत हुई, उससे शक पैदा होता है।  पिटीशन में मांग की गई है कि एक्सपर्ट्स द्वारा जयललिता की मेडिकल रिपोर्ट्स की जांच कराए जाने की जरूरत है।

मशहूर एक्ट्रेस गौतमी ने भी मौत पर उठाए हैं कई सवाल

हाल ही में साउथ इंडियन फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस गौतमी ने नरेंद्र मोदी से मांग की थी कि जयललिता की बीमारी और निधन के मामले की जांच की जाए। एक्ट्रेस ने 9 दिसंबर को अपने ब्लॉग पर लिखे एक पोस्ट में जया के निधन पर कई सवाल उठाए थे।  गौतमी ने कहा था, “जया 75 दिनों तक हॉस्पिटल में रहीं, लेकिन उनकी बीमारी और इलाज के बारे में जनता को कोई जानकारी क्यों नहीं दी गई?”  गौतमी ने लिखा, “जया की सेहत के मामले को इतना छुपाकर क्यों रखा गया? उनसे लोगों को मिलने क्यों नहीं दिया गया? कई बड़े लोग उनसे पर्सनली मिलना चाहते थे, लेकिन ये भी नहीं हो पाया।” “जयललिता की बीमारी को लेकर इतनी सीक्रेसी क्यों बरती गई और ऐसा किसके इशारे पर हुआ? आखिर ये फैसले कौन ले रहा था? इन सवालों का जवाब जनता को कौन देगा?”

 

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