बड़ी खबर: निजाम के महल में निकला 50 लाख करोड़ का खजाना, पूरा स्विमिंग पूल भरा

भारत के सबसे आलीशान पैलेस में से एक फलकनुमा पैलेस कई मायनों में खास है। हर साल दुनिया भर से टूरिस्ट इस पैलेस को देखने आते हैं। सन 1893 में इस पैलेस को हैदराबाद के प्रधानमंत्री नवाब सर विकार उल उमर ने बनवाया था, लेकिन इसे आलीशान बनाने का श्रेय हैदराबाद के आखिरी निजाम ओसमान अली खान, असफ जाह VII को जाता है। ऐसा कहा जाता है कि निजाम के पास इतने हीरे थे कि एक स्विमिंगपूल उनसे भर जाए।

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पैलेस 32 एकड़ क्षेत्र पर बना हुआ है और चारमीनार से महज 5 किमी की दूरी पर है।  इसका निर्माण नवाब विकार उल उमर ने करवाया था जो कि हैदराबाद के प्रधानमंत्री थे।  फलकनुमा का मतलब ‘आसमान की तरह’ या ‘आसमान का आइना’ होता है। फलकनुमा पैलेस पुराने हैदराबाद में एक ऊंचे स्थान पर बना है, जहां से शहर का शानदार व्यू दिखता है।

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फलकनुमा पैलेस में कुल 220 कमरे हैं, लेकिन इनमें से 60 कमरे ही ताज ग्रुप ऑफ होटल्स के पास हैं। फलकनुमा पैलेस का एक बड़ा हिस्सा बंद है।  ताज ग्रुप ऑफ होटल्स के पास मौजूद 60 कमरों में डायनिंग हॉल, पैलेस रूम्स, हिस्टोरिकल सुइट, रॉयल सुइट, ग्रैंड रॉयल सुइट और ग्रैंड प्रेसिडेंशियल सुइट है।

यह पैलेस 1897-98 के बीच हैदराबाद के छठवें निजाम मीर महबूब को सौंप दिया गया। बाद में उनके बेटे और हैदराबाद के आखिरी निजाम ओसमान अली खान, असफ जाह VII ने फलकनुमा पैलेस आलीशान बनाया। 1930 से 1940 के दौरान निजाम असफ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे। उनके पास हीरे की कई खदानें थीं। बताया जाता है कि उनके पास इतने हीरे जवाहरात थे कि एक स्विमिंग पूल भर जाए। उन्हें उस वक्त टाइम मैगजीन के कवर पेज पर जगह मिली थी और उन्हें ‘His Exalted Highness’ के नाम से ऐड्रेस किया था।

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