बड़ी खबर: पीएम नरेन्द्र मोदी के ऐलान के बाद बिका 4000 किलो सोना

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलिजेंस(डीजीसीईआइ) के सर्वे में हिला देने वाली जानकारी सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आठ नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के एलान के बाद सिर्फ 48 घंटे के अंदर 4000 किलो से ज्‍यादा सोना बेचा गया। इस सोने की कीमत 1250 करोड़ रुपये के लगभग हैं।

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दो टन यानि कि लगभग 2000 किलो सोना आठ नवंबर के दिन बिका। यह एक दिन में सोने की सर्वाधिक बिक्री है। अधिकारियों का कहना है कि काले धन के रूप में मौजूद पुराने नोटों से यही सोना खरीदा गया है। दिल्‍ली के एक बड़े जौहरी ने आठ नवंबर को 700 लोगों को 45 किलो सोना बेचा था। एक दिन पहले उसने केवल 820 ग्राम सोना बेचा था। चेन्‍नई के ललिता ज्‍वैलर्स ने आठ नवंबर को 200 किलो सोना बेचा। 

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एक दिन पहले वहां से केवल 40 किलो की बिक्री हुई। जयपुर के लावट ज्‍वैलर्स ने सात नवंबर को 100 ग्राम सोना होने की रिपोर्ट दी लेकिन नोटबंदी वाले दिन उसने 30 किलो सोना बेच दिया। इसके खिलाफ जांच की जा रही है। देशभर में 400 जौहरियों और सर्राफा कारोबारियों ने 20 करोड़ रुपये की टैक्‍स चोरी की बात कबूली है। अधिकारियों ने बताया कि यह आंकड़ा 100 करोड़ को छू सकता है। डीजीसीईआइ ने मनी लॉड्रिंग की खबरें सामने आने के बाद सर्वे शुरू किया था। इसके बाद से एजेंसी की ओर से टैक्‍स चोरी और मनी लॉड्रिंग के मामलों में 300 नोटिस भेजे गए हैं।

पिछले सप्‍ताह डीजीसीईआइ ने देश की सबसे बड़ी गोल्‍ड चैन जोयलुकास पर छापा मारा था। इसमें पता चला था कि कंपनी ने अप्रैल से नवंबर के बीच 5.7 टन सोने के गहने बेचे जिनका मूल्‍य 1500 करोड़ रुपये हैं। कंपनी ने सोने की बिक्री पर दी जाने वाली एक प्रतिशत सेंट्रल एक्‍साइज ड्यूटी एक अप्रैल 2016 से नहीं चुकाई। उसे 16 करोड़ रुपये की टैक्‍स चोरी का नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा दिल्‍ली के पीपी ज्‍वैलर्स को साढ़े चार करोड़ रुपये चुकाने को कहा गया है। बताया जाता है कि उसकी ओर से 2 करोड़ रुपये चुका दिए गए हैं।

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