बड़ी खबर : भारत का तेल आयात बिल 25 प्रतिशत बढ़ेगा

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण चालू वित्त वर्ष के अंत तक भारत का तेल आयात बिल बढ़कर 87.7 बिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है.भारत ने वित्त वर्ष 2016-17 में 213.93 मिलियन टन क्रूड ऑयल का आयात किया था.जिसके लिए भारत ने 70.196 बिलियन डॉलर यानी 4.7 लाख करोड़ का भुगतान किया था.बड़ी खबर : भारत का तेल आयात बिल 25 प्रतिशत बढ़ेगाबता दें कि पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण सेल के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 के लिए भारत का तेल आयात 219.15 मिलियन टन आंका गया है, अर्थात इस तेल की राशि 87.725 बिलियन डॉलर यानी करीब 5.65 लाख करोड़ रुपए होगी.भारत अपनी तेल संबंधी 80 प्रतिशत जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है.

उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 11 महीनों (अप्रैल 2017 से फरवरी 2018) में देश में 195.7 मिलियन टन क्रूड ऑयल का आयात हुआ है, जो कि करीब 63.5 बिलियन डॉलर के करीब है.भारत जिस बास्केट से कच्चे तेल का आयात करता है उससे अप्रैल-फरवरी की अवधि के दौरान भारत का तेल आयात औसतन 55.74 डॉलर प्रति बैरल का रहा है, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में यह 47.56 बैरल प्रति डॉलर और वित्त वर्ष 2015-16 में 46.17 डॉलर प्रति बैरल रहा.वर्ष 2018 में जनवरी महीने के बाद ब्रेंट क्रूड ने एक बार फिर से 70 का आंकड़ा पार किया है.विशेषज्ञों के अनुसार क्रूड में यह बढ़त जारी रही तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि देखने को मिल सकती है.

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