बड़ी खबर: विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी वर्कर्स पर योगी की पुलिस ने बरसाईं लाठियां

मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार की सुबह से विधानसभा मार्ग जाम कर प्रदर्शन कर रही हजारों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पुलिस ने मंगलवार को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। गुस्साई महिला प्रदर्शनकारियों ने भी जो हाथ मे आया पुलिस पर फेकना शुरू कर दिया। लाठीचार्ज ओर भगदड़ में दर्जनों महिला प्रदर्शनकारी घायल हो गई। कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सिविल में भर्ती कराया गया। दोनों ओर से चले संघर्ष में कई महिला पुलिसकर्मियों के साथ ही मीडियाकर्मी भी चोटिल हुये हैं। लाठीचार्ज के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जीपीओ पार्क में धरना जारी रखने का एलान किया है।बड़ी खबर: विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी वर्कर्स पर योगी की पुलिस ने बरसाईं लाठियांअभी-अभी आई आधार से जुड़ी ये बड़ी खबर, जो है आपके लिए बेहद खास, पढ़ लें वरना……

आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के आवाहन पर सोमवार को प्रदेश भर से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष एकत्र होकर धरना शुरू किया था। संगठन की अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या सहित कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद महिलाओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। दबाव में आई पुलिस ने शाम को उन्हें रिहा कर दिया। पुलिस के मनाने और बाद में लाठीचार्ज व वाटर कैनन से पानी की बौछार छोड़े जाने के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पूरी रात सड़क पर जमी रहीं।
 
देर रात पुलिस ने एक बार फिर से प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि र्मार्या, महामंत्री प्रभावती और छाया सहित डेढ़ दर्जन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को गिरफ्तर कर अपने साथ ले गई। इसके बाद से प्रदर्शनकारी अपने नेताओं की रिहाई के बगैर किसी भी तरह की वार्ता करने को तैयार नही थी, जबकि पुलिस के अधिकारी सड़क से हटने के बाद नेताओं को रिहा करने पर अड़े रहे। दिन भर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी महिलाओं को सड़क से हटाने की कोशिश में लगे रहे लेकिन महिलायें नही मानी।
 
पुलिस अधिकारियों की बदजुबानी ने बिगाड़ा माहौल
अपने नेताओं को रिहा करने की मांग कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आरोप है कि दोपहर बाद से ही सीओ रैंक के कई अधिकारी, इंस्पेक्टर हुसैनगंज और इस्पेक्टर हजरतगंज महिलाओं का मजाक उड़ाने में लगे रहे। कई बार उन्होंने अभद्रता भी की। महिलाओं ने विरोध किया तो पुलिस ने पीटना शुरू कर दिया। महिला प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुरुष कर्मियों ने भी महिलाओं पर लाठियां बरसाईं।
 
लाठीचार्ज से गुस्साई महिलाओं ने पुलिस पर बोतलें, खाने के पैकेट के अलावा जो हाथ में आयो फेंकना शुरू कर दिया। कई महिलाओं ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके। लाठीचार्ज और भगदड़ में सिद्घार्थ नगर की संगीता दुबे, हसरतुन्निसा, अर्चना श्रीवास्तव, मालती चौधरी, कल्पना देवी, इटावा की सीमा शुक्ला, महाराजगंज की सरोज जायसवाल, क्षमा वर्मा, निर्मला पाल, लखनऊ की उषा र्मार्या सहित दो दर्जन महिलायें चोटिल हुई।
 
एक साथी की मौत की खबर पाकर रो पड़े कार्यकर्ता
लाठीचार्ज के बाद जीपीओ पार्क में डटे कार्यकर्ताओं के बीच अचानक अफवाह फैल गई कि सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान एक कार्यकर्ता की मौत हो गई है। सूचना पाकर वहां मौजूद आंगनबाड़ी फफक पड़ीं। जेल में साथियों से मिलने पहुंचीं संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष ऊषा मौर्या ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने धरना जारी रखने का एलान किया है। कार्यकत्रियां अपने नेता के रिहा होने तक गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना देंगी।
 
महिलाओं पर नहीं चला जोर तो पीटे गए राहगीर
सड़क पर जमे कार्यकर्ताओं को हटाने में नाकाम होने पर पुलिस अधिकारियों ने अपनी खीझ राहगीरों पर उतारी। सीओ की अगुवाई में हजरतगंज इंस्पेक्टर और हुसैनगंज इंस्पेक्टर कैपिटल
सार्वजनिक शौचालयों में डलवा दिया ताला
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में जीपीओ गेट के पास और पटेल पार्क के पीछे की ओर बने सार्वजनिक शौचालय में ताला डलवा दिया। महिलाओं को इसकी वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि जीपीओ गेट के पास स्थित सार्वजनिक शौचालय दिन में खुला रहा। (प्रदर्शन करते-करते बेहोश हो गई महिला।)
 
31 घंटे तक ठप रहा पेट्रोल पंप
कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से कैपिटल के बगल स्थित पेट्रोल पंप पर सोमवार सुबह से कारोबार पूरी तरह से ठप रहा। पेट्रोल पंप के प्रबंधक शाहिद अली ने बताया कि सोमवार को पेट्रोल का टैंकर पंप तक नहीं आ सका। इसकी वजह से करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया पंप से एक दिन में पेट्रोल और डीजल की करीब ढाई लाख रुपये की सेल होती है। मंगलवार की शाम को एक टैंकर पेट्रोल पंप पहुंचा। इसके बाद ही लोगों पेट्रोल मिल सका। (प्रदर्शनकारियों को हटाती पुलिस।)
, झलकारी के आसपास जो भी राहगीर दिखा उससे अभद्रता की। यहां तक कि कई राहगीरों को पीटा भी गया। वहीं, सड़क पर डटे कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर देर रात बदसलूकी करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष इंदु वर्मा, आंगनबाड़ी नीलम का आरोप है कि महिलाओं का हालचाल लेने आए परिवार के पुरुषों को भी पुलिस ने पीटा। इसी दौरान विरोध करने पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से बदसलूकी की और जेल में डालने की धमकी दी।
 

You May Also Like

English News