भाजपा मान रही बशीरहाट को संजीवनी, फिर से ममता के खिलाफ मौका भूनाने में जुटे दिग्गज

अलग गोरखालैंड राज्य की दोबारा शुरू हुई मांग से बैकफूट पर चल रही भाजपा को बशीरहाटकी घटना ने संजीवनी प्रदान कर दी है। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ पार्टी अब फिर से हमलावर अंदाज में आ गई है।भाजपा मान रही बशीरहाट को संजीवनी, फिर से ममता के खिलाफ मौका भूनाने में जुटे दिग्गजयोगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब जल्द तोड़े जाएंगे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश के फेवरेट साइकिल ट्रैक

ममता के खिलाफ प्रदेश में बन रहे माहौल को भूनाने के लिए पार्टी के दिग्गज नेता मैदान में उतर गए हैं। तो जल्द ही केंद्रीय भाजपा की ओर से एक दल पश्चिम बंगाल के दंगाग्रस्त इलाकों का दौरा कर सकता है। इस बीच केंद्र सरकार का गृह मंत्रालय भी सूबे के हालातों पर नजर रखे हुए हैं।

प्रदेश सरकार से 24-परगना जिले के बशीरहाट और बादुड़िया इलाके में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर रिपोर्ट मांगने के अलावा केंद्र सरकार के अधिकारी राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों संग संपर्क में हैं। 

बशीरहाट में अब भी जारी हैं दंगे
गृह मंत्रालय सूत्रों के अनुसार ममता सरकार प्रदेश में हो रहे दंगो को रोक पाने में नाकाम रही है। करीब 3 दिन बीत जाने के बाद भी बशीरहाट में दंगे जारी हैं। वहां कानून व्यवस्था सामान्य नहीं हो पा रही हैै। पुलिस थाना जलाने की घटना के अलावा हिन्दू धर्मस्थल को जलाने, एक धर्म विशेष के लोगों को निशाने बनाने और बाजार में दुकान जलाने के मामले सामने आए हैं।

केंद्रीय रिजर्व बल की तैनाती में भेद 

गृह मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार हालातों से निपटने के लिए केंद्रीय रिजर्व बल भेज दिए हैं। मगर मौके पर उनकी तैनाती अभी नहीं हो सकी है। केंद्र को इसमें कहीं न कहीं प्रदेश सरकार की राजनीति नजर आ रही हैै। 

बशीरहाट में भी लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे 

सूत्र बताते हैं कि बशीरहाट घटना पर खुफिया विभाग को जो अनौपचारिक साक्ष्य हाथ लगे हैं उनमें दंगाई के जरिए भारत विरोधी नारे लगाने की बात सामने आई है। दंगाई पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते देखे गए हैं। आने वाले दिनों में ये मामला ममता सरकार के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। 

ममता केशरी की जंग को तवज्जो नहीं दे रहा केंद्र 
पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच छीडी जंग को तवज्जो देने के मूड में नहीं है। केंद्र सरकार के एक शीर्ष मंत्री का कहना है कि ममता के आरापों का खुद त्रिपाठी ने जवाब दे दिया है। इसलिए मामले को तूल देने की जरूरत नहीं। वैसे मामले में सरकार को ममता की राजनीतिक अवसरवादिता नजर आ रही है।

जानें क्या हुआ ममता—केशरी के बीच 

दरअसल मंगलवार को बशीरहाट की घटना को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला था। इसके बाद राज्यपाल ने ममता से मामले की रिपोर्ट मांगते हुए कहा कि दार्जिलिंग की तरह वह बशीरहाट के मामले में भी केंद्र की मदद लें और केंद्रीय बल के वहां की कानून व्यवस्था को सामान्य बनाने का प्रयास करें। इसके बाद ममता ने त्रिपाठी की नसीहत को राजनीतिक तूल दे दिया। मामले में केंद्र का रूख पूरी तरह से राज्यपाल के साथ है। 

अवसर भूनाने मैदान में जुटे भाजपा दिग्गज 

पश्चिम बंगाल के वर्तमान हालातों को भाजपा अपने पक्ष में मान रही है। प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार राज्य में एक के बाद एक हो रहे दंगों से कानून व्यवस्था के मामले को लेकर ममता बनर्जी सरकार पूरी तरह से बैकफूट पर है। यही वजह है कि भाजपा के खिलाफ वे बेहद आक्रामक अंदाज अपनाए हुए हैं, ताकि असल कमियों की ओर जनता का ध्यान न जा सके। लेकिन पार्टी ऐसा होने नहीं देगी। 

जल्द ही केंद्रीय भाजपा का एक दल प्रदेश की कानून व्यवस्था का जायजा लेने बंगाल जाएगा। तो ममता के खिलाफ प्रदेश भाजपा संगठन को हमलावर बनाने के लिए पार्टी ने राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को मैदान में उतारा हुआ है। वे बीते तीन दिनों से बंगाल में जमे हुए हैं और कार्यकर्ताओं संग लगातार बैठके कर रहे हैं। 

बुधवार को उन्होंने प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्यों संग बैठक कर उन्हें आगे की रणनीति बताने के साथ ममता के खिलाफ घेरेबंदी की पृष्ठभूमि से अवगत कराया है। पार्टी आलाकमान ने प्रदेश प्रभारी कैलाश विजयर्गिय को भी हमलावर होने के निर्देश दिए गए हैं।

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