चुनावी मैदान में अकेले चलेगी शिवसेना, भाजपा से तोड़ी 22 साल पुरानी दोस्ती

मुंबई। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को महानगरपालिका (मनपा) और जिला परिषद चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करने की घोषणा कर दी।

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उद्धव ने कहा, ‘शिवसेना अकेले महाराष्ट्र पर भगवा लहराएगी। हम किसी के दरवाजे नहीं जाएंगे। किसी भी जिला पंचायत या मनपा चुनाव में अब शिवसेना गठबंधन नहीं करेगी।

सभी चुनाव अकेले लड़ेगी।’ उद्धव ने कहा, ‘भाजपा हमें 114 सीटें देने की बात कर रही है। क्या यह शिवसेना का अपमान नहीं है? शिवसेना की ताकत उससे कम है क्या?

शिवसेना के 50 वर्ष के कार्यकाल में 25 वर्ष गठबंधन के कारण बरबाद हो गए। लेकिन हिंदुत्व और देश के लिए शिवसेना ने आपका (भाजपा) साथ दिया। अब शिवसेना किसी के सामने नहीं झुकेगी।’

उद्धव के अनुसार बुरे वक्त में शिवसेना के साथ देने के कारण ही भाजपा बची रही है। स्थानीय निकाय चुनाव में गठबंधन तोड़ने की घोषणा के साथ ही उद्धव ने भाजपा पर जमकर हमला बोला।

उन्होंने कहा, जिन्होंने चरखे पर से गांधी को हटाया उन्हें उत्तरप्रदेश में ‘हे राम’ कहने की नौबत आ गई है। वहां उनका सूपड़ा साफ होने वाला है। राकांपा नेता शरद पवार को पद्म पुरस्कार की घोषणा पर भी उद्धव ने ताना कसा।

उन्होंने कहा, ‘एक पद्म पुरस्कार गुरु दक्षिणा में दिया गया है।’ भाजपा के पार्टी विद डिफरेंस के नारे का उल्लेख करते हुए उद्धव ने कहा कि भाजपा सब गुंडे पार्टी में शामिल कर रही है।

ये गुंडे इसलिए शामिल किए जा रहे हैं क्योंकि वह शिवसेना के सैनिकों से नहीं लड़ सकती। महाराष्ट्र की दस महानगरपालिकाओं और 26 जिला परिषदों के लिए 21 फरवरी को मतदान होना है।

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इन चुनावों के लिए भाजपा और शिवसेना में गठबंधन की बातचीत शुरू हुई थी। लेकिन भाजपा सूबे में अपने विधायकों की संख्या के आधार पर सीटों का बंटवारा चाहती है।

राज्य में भाजपा विधायकों की संख्या शिवसेना से लगभग दोगुनी है।

इस आधार पर शिवसेना को लगभग सभी स्थानों पर दोयम दर्जे से ही संतोष करना पड़ता। माना जा रहा है कि इसीलिए उद्धव ने भाजपा से गठबंधन नहीं करने की घोषणा कर दी।

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