भारतीय इकोनॉमी में आई तेजी, पांचवे स्थान पर पहुंची इस मामले में रैंकिंग….

2018 में भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ेगी। आईएमएफ द्वारा इस तरह का अनुमान करने के बाद अब ग्लोबल सीईओ द्वारा दी गई एक रैंकिंग से देश की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।भारतीय इकोनॉमी में आई तेजी, पांचवे स्थान पर पहुंची इस मामले में रैंकिंग....नोटबंदी और जीएसटी के कारण बीते साल भारत की अर्थव्यवस्था सुस्त रही थी। अब भारत उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों की श्रेणी में सबसे तेजी से विकास कर रहा है। 2019 के लिए आईएमएफ ने भारत के लिए 7.8 फीसदी विकास दर का आकलन दिया है। आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट सोमवार को दावोस में जारी की। 

बड़ी कंपनियों के सीईओ ने लगाया अनुमान
विश्व की बड़ी कंपनियों के सीईओ ने अनुमान लगाया है कि देश सबसे तेजी से बढ़ेगा और इस साल ये जापान से भी आगे निकल जाएगा। ग्लोबल सीईओ के सर्वे में भारत को पांचवे स्थान पर रखा गया। प्राइसवाटर हाउस कूपर्स द्वारा किए गए इस सर्वे में अमेरिका को पहले, चीन को दूसरे , जर्मनी को तीसरे और यूके को चौथे स्थान पर रखा है। 

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान किए गए इस सर्वे के आने से पीएम नरेंद्र मोदी को काफी बल मिलेगा। पीएम मोदी मंगलवार और बुधवार को इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स को संबोधित करेंगे।

रिपोर्ट को जारी करते हुए पीडब्लूसी के चेयरमैन श्यामल मुखर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में इन्फ्रास्ट्रकचर, उत्पादन और स्किल सेक्टर में बहुत ज्यादा काम किया है। हालांकि क्लाइमेट चेंज और साइबर सिक्युरिटी जैसे मामले पर सीईओ की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। 

मजबूत ट्रैक पर है इकोनॉमी

इंटनेशनल मॉनेटरी फंड की एमडी क्रिस्टीन लगार्डे का मानना है कि भारत की इकोनॉमी काफी मजबूत ट्रैक पर है और भविष्य में नोटबंदी और जीएसटी का अच्छा प्रभाव देखने को मिलेगा। हालांकि आईएमएफ ने भारत की ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया था। 

मीडियम, लांग टर्म में दिखेगा रिजल्ट
लगार्डे का मानना है कि भारत में ऐसे काफी मजबूत रिफॉर्मं हो रहे हैं, जिनका नतीजा मीडियम और लांग टर्म में देखने को मिलेगा। पहले नोटबंदी और फिर बाद में जीएसटी के लागू करने के बाद यह देखना आश्चर्यजनक नहीं था कि इकोनॉमी की रफ्तार सुस्त पड़ी है, लेकिन लंबे समय में इसका अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। 

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