भारतीय जांच एजेंसियां की गिरफ्त में आने से पहले हांगकांग में बिजनेस समेटने में जुटा नीरव मोदी

पीएनबी बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी जांच एजेंसियों हॉन्ग कॉन्ग पहुंचने से पहले अपने बिजनेस समेटने की फिराक में हैं. इंडिया टुडे को मोदी से जुड़े कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि वह वहां से भागने की योजना में जुट गया है.भारतीय जांच एजेंसियां की गिरफ्त में आने से पहले हांगकांग में बिजनेस समेटने में जुटा नीरव मोदीनीरव मोदी की फायरस्टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड जो एक गैर हॉन्ग कॉन्ग कंपनी है ने इस कंपनी के सचिव सुरेश कुमार भुटानी की ओर से हॉन्ग कॉन्ग के प्रशासन को सूचित किया गया है कि उनकी कंपनी हॉन्ग कॉन्ग में अपना बिजनेस समेट रही है.

इंडिया टुडे को ‘द नोटिस ऑफ सीसेशन ऑफ प्लेस ऑफ बिजनेस’ नाम का जो दस्तावेज हासिल हुआ है, उसे पिछले साल 12 दिसंबर को प्रशासन को भेजा गया था, लेकिन हॉन्ग कॉन्ग कंपनीज रजिस्ट्री ने इस साल 19 जनवरी को नोटिफाई किया. मोदी की फायरस्टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड हॉन्ग कॉन्ग में अपना बिजनेस समेट लिया है.

नीरव मोदी से संबंधित यही एकमात्र कंपनी है जिसने हाल के दिनों में इस तरह का नोटिस फाइल किया है. जबकि हॉन्ग कॉन्ग में नीरव मोदी से एसोसिएटेड अन्य कंपनियों नीरव मोदी लिमिटेड, नीरव मोदी एचके लिमिटेड, फायरस्टार डायमंड लिमिटेड और फायरस्टार होल्डिंग लिमिटेड में नीरव मोदी का न निदेशक या न ही व्यक्तिगत रुप से कोई नियंत्रण है.

नीरव मोदी अपने खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियों की तेज होती जांच और संपति को बचाने की कोशिश में हॉन्ग कॉन्ग से अपना बिजनेस समेट कर कहीं और शिफ्ट करने की कोशिश में लगे हुए हैं.

 इन सभी कंपनियों का हॉन्ग कॉन्ग में एक ही कॉमन पता है 21-23, 2/f न्यू हेनरी हाउस, 10 आइस हाउस स्ट्रीट, सेंट्रल हॉन्ग कॉन्ग.जबकि हॉन्ग कॉन्ग की कंपनी रजिस्ट्री के अधिकारियों ने इस विषय पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

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