भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच कई समझौते, मुख्य मुद्दा बना आतंकवाद

नई दिल्ली| भारत तथा ऑस्ट्रेलिया ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष मैल्कम टर्नबुल की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के बाद अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से मुकाबला व नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सहयोग सहित छह समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एक समझौता अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद तथा संगठित अपराध से मुकाबले को लेकर किया गया।

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नरेंद्र मोदी और टर्नबुल के बीच हुए कई महत्वपूर्ण समझौते

दूसरा एमओयू नागरिक उड्डयन सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग विकसित करने तथा उसे बढ़ावा देने को लेकर किया गया।
तीसरा समझौैता पर्यावरण, जलवायु तथा वन्यजीव के क्षेत्र में सहयोग के लिए किया गया। एक अन्य एमओयू खेल के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी किया गया।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने जियोसाइंस ऑस्ट्रेलिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया, जिसका मकसद पृथ्वी अवलोकन तथा उपग्रह नौवहन में सहयोग के लिए व्यवस्था का क्रियान्वयन करना है। छठे एमओयू पर हस्ताक्षर स्वास्थ्य तथा चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग के लिए किया गया।

समझौतों के आदान-प्रदान के बाद नरेंद्र मोदी तथा टर्नबुल ने वीडियो-क्रांफ्रेंसिग के माध्यम से हरियाणा के गुरुग्राम स्थित टेरी के ग्रीन कैंपस में टेरी-डिकिन नैनोबायोटेक्नोलॉजी सेंटर (टीडीएनबीसी) का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टर्नबुल रविवार को चार दिवसीय दौैरे पर भारत पहुंचे। सितंबर 2015 में प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद टर्नबुल का यह पहला भारत दौरा है।

उनके पूर्ववर्ती टोनी एबॉट ने सितंबर 2014 में भारत का दौरा किया था, जिसके बाद नरेंद्र मोदीने उसी साल नवंबर में ऑस्ट्रेलिया दौरा किया था।

 

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