भारत की विकास दर बढ़ेगी-IMF

एशिया प्रशांत विभाग अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक कोष के उपनिदेशक केन कांग ने वॉशिंगटन में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भारत की विकास दर 2017-18 में 7.4 फीसदी से बढ़कर 2019 में 7.8 फीसदी होने का अनुमान है. हमें उम्मीद है कि क्षेत्र में भारत की भूमिका का लगातार विस्तार होता रहेगा.” आगे उन्होंने कहा, “भारत के पास अपना निर्यात बढ़ाने और व्यापार और गैर व्यापारिक बाधाओं को दूर करने की गुंजाइश है.” उन्होंने कहा, “भारत में वैधानिक टैरिफ दर क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक लगभग 15 फीसदी है. इसलिए व्यापार सुधारों की गुंजाइश है.”अमेरिका: एशिया प्रशांत विभाग अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक कोष के उपनिदेशक केन कांग ने वॉशिंगटन में संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भारत की विकास दर 2017-18 में 7.4 फीसदी से बढ़कर 2019 में 7.8 फीसदी होने का अनुमान है. हमें उम्मीद है कि क्षेत्र में भारत की भूमिका का लगातार विस्तार होता रहेगा." आगे उन्होंने कहा, "भारत के पास अपना निर्यात बढ़ाने और व्यापार और गैर व्यापारिक बाधाओं को दूर करने की गुंजाइश है." उन्होंने कहा, "भारत में वैधानिक टैरिफ दर क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक लगभग 15 फीसदी है. इसलिए व्यापार सुधारों की गुंजाइश है."  केन कांग ने 20 अप्रैल को कहा कि आईएमएफ को आशा है कि भारत की तेज विकास दर की वजह से प्रशांत क्षेत्र के विकास में भारत की भूमिका का लगातार विस्तार होता रहेगा, साथ में यह भी कहा कि इसे और व्यापारिक सुधार करने होंगे.  अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने गुरुवार 19 अप्रैल को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि चुनावी साल में भारत में आर्थिक सुधारों की रफ्तार कायम रह पाएगी. अंतरराष्ट्रीय वित्त संगठनों की बैठक के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में लेगार्ड ने कहा, ‘‘हमने इसे देखा और हम इसे देख रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि अगले कुछ महीनों में हम ऐसा देखेंगे.

केन कांग ने 20 अप्रैल को कहा कि आईएमएफ को आशा है कि भारत की तेज विकास दर की वजह से प्रशांत क्षेत्र के विकास में भारत की भूमिका का लगातार विस्तार होता रहेगा, साथ में यह भी कहा कि इसे और व्यापारिक सुधार करने होंगे.

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने गुरुवार 19 अप्रैल को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि चुनावी साल में भारत में आर्थिक सुधारों की रफ्तार कायम रह पाएगी. अंतरराष्ट्रीय वित्त संगठनों की बैठक के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में लेगार्ड ने कहा, ‘‘हमने इसे देखा और हम इसे देख रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि अगले कुछ महीनों में हम ऐसा देखेंगे. 

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