भारत के कारोबारी घूसखोरी से परेशान – एक रिपोर्ट

 भारत में हुए एक सर्वे में देश में चल रही घूसखोरी का पर्दाफाश हुआ है, वैश्व‍िक संस्था EY के सर्वे में कारोबारियों ने कहा है कि देश में कारोबार करने के लिए घूस देना अनिवार्य हो गया है, अगर आप रिश्वत नहीं देते तो आप कारोबार नहीं कर पाएंगे. वहीं कुछ  लोगों ने यह भी कहा है कि पहले की अपेक्षा रिश्वतखोरी में कमी आई है.नई दिल्ली: भारत में हुए एक सर्वे में देश में चल रही घूसखोरी का पर्दाफाश हुआ है, वैश्व‍िक संस्था EY के सर्वे में कारोबारियों ने कहा है कि देश में कारोबार करने के लिए घूस देना अनिवार्य हो गया है, अगर आप रिश्वत नहीं देते तो आप कारोबार नहीं कर पाएंगे. वहीं कुछ  लोगों ने यह भी कहा है कि पहले की अपेक्षा रिश्वतखोरी में कमी आई है.  वैश्व‍िक संस्था EY द्वारा किए गए इस सर्वे में लगभग 50 कॉर्पोरेट लेवल के लोग शामिल हुए, इनमे से 20 कारोबारियों ने माना की देश में बड़े स्तर पर घूसखोरी होती है. वहीं कुछ लोगों ने कहा है कि जो घूसखोरी 2012 में घूसखोरी का प्रतिशत 70 था, लेकिन 2017 में यह घटकर 40 प्रतिशत रह गया है.  55 देशों में किए गए इस सर्वे में 2550 लोगों से भ्रष्टाचार सम्बन्धी सवाल पूछे गए, इस सर्वे में शामिल होने वाले ज्यादातर कंपनी में अहम भूमिका निभाने वाले और महत्वपूर्ण पदों पर काबिज लोग शामिल थे. यह सर्वे 2017-2018 के बीच किया गया.  भारत में जिन कंपनियों का सर्वे किया गया है, इसमें 7 ऐसी कंपनियां हैं, जो 1 से 5 अरब डॉलर की वैल्यू वाली हैं. 18 ऐसी कंपनियां शामिल थीं, जिनकी वैल्यू 50 करोड़ से 99.9 करोड़ रुपये तक थी. 16 कंपनियां की वैल्यू 10 करोड़ से 49.9 करोड़ और 9 ऐसी कंपनियां शामिल थीं, जिनकी वैल्यू 9.9 करोड़ से कम थी. रिपोर्ट के अनुसार 44 फीसदी भारतीय कारोबारियों ने माना कि उन्हें नगद, मनोरंजन और पर्सनल गिफ्ट के तौर पर कुछ न कुछ देना पड़ता है.

वैश्व‍िक संस्था EY द्वारा किए गए इस सर्वे में लगभग 50 कॉर्पोरेट लेवल के लोग शामिल हुए, इनमे से 20 कारोबारियों ने माना की देश में बड़े स्तर पर घूसखोरी होती है. वहीं कुछ लोगों ने कहा है कि जो घूसखोरी 2012 में घूसखोरी का प्रतिशत 70 था, लेकिन 2017 में यह घटकर 40 प्रतिशत रह गया है.

55 देशों में किए गए इस सर्वे में 2550 लोगों से भ्रष्टाचार सम्बन्धी सवाल पूछे गए, इस सर्वे में शामिल होने वाले ज्यादातर कंपनी में अहम भूमिका निभाने वाले और महत्वपूर्ण पदों पर काबिज लोग शामिल थे. यह सर्वे 2017-2018 के बीच किया गया.  भारत में जिन कंपनियों का सर्वे किया गया है, इसमें 7 ऐसी कंपनियां हैं, जो 1 से 5 अरब डॉलर की वैल्यू वाली हैं. 18 ऐसी कंपनियां शामिल थीं, जिनकी वैल्यू 50 करोड़ से 99.9 करोड़ रुपये तक थी. 16 कंपनियां की वैल्यू 10 करोड़ से 49.9 करोड़ और 9 ऐसी कंपनियां शामिल थीं, जिनकी वैल्यू 9.9 करोड़ से कम थी. रिपोर्ट के अनुसार 44 फीसदी भारतीय कारोबारियों ने माना कि उन्हें नगद, मनोरंजन और पर्सनल गिफ्ट के तौर पर कुछ न कुछ देना पड़ता है.

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