भारत के ‘ब्रह्मास्त्र’ अग्नि_5 से डरा चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर बनाएगा बैलेस्टिक मिसाइल!

नई दिल्ली (17 मार्च): भारत ने इसी साल जनवरी में अपनी टॉप मिसाइलों अग्नि-5 और अग्नि-4 का सफल परीक्षण क्या किया चीन की नींद उड़ गई। चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ में इस पर एक लंबा चौड़ा लेख भी लिख डाला था। जिसमें भारत को चेतावनी दी गई थी कि अगर भारत अपनी परमाणु महत्वाकाक्षाएं इसी तरह जारी रखता है तो चीन ऐसी मिसाइलों के निर्माण में पाकिस्तान की मदद कर सकता है।आज इस खबर पर ग्लोबल टाइम्स ने खुद मोहर भी लगा दी। शुक्रवार को अखबार में एक लेख छापा गया है जिसमें साफ-साफ लिखा है कि चीन और पाकिस्तान मिलकर बड़े पैमाने पर लड़ाकू विमान और बैलेस्टिक मिसाइलों का निर्माण करेंगे। साथ ही चीन रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में अब पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करेगा। इस खबर के छपने के बाद चीन में ही हड़कंप मच गया। आनन-फानन में चीन के विदेश मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर खबर का खंड़न भी कर दिया। 

चीन ने खुद बनाया NPT का मजाक… बार-बार परमाणु अप्रसार संधि (NPT) की दुहाई देने वाला चीन खुद उसका मजाक बनाता रहा है। चीन पहले से ही पाकिस्तान को न्यूक्लियर रिएक्टर दे चुका है। वही न्यूक्लियर रिएक्टर जिसका पाकिस्तान बिजली बनाने की जगह परमाणु बम बनाने में इस्तेमाल करता रहा है। चीन ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) में भारत की मेंबरशिप का यह कहकर विरोध किया था कि भारत ने नॉन-प्रॉलिफरेशन ट्रीटी (NPT) पर साइन नहीं किए। अब उन्हीं नियमों को ताक पर रखकर चीन ने पाकिस्तान को न्यूक्लियर रिएक्टर दिए हैं।

    * ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीन पाकिस्तान के साथ बैलेस्टिक मिसाइलों का निर्माण करेगा।

    * इसके अलावा क्रूज मिसाइल, एंटीशिप मिसाइल और एंटीएयरक्राफ्ट मिसाइल का निर्माण करेगा।

    * अखबार ने ये खबर PLA Second Artillery Corps के पूर्व अफसर के हवाले से छापी है।

    * खबर के मुताबिक चीन lightweight और multi-role combat aircraft भी बनाएगा।

    * हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय ने ग्लोबल टाइम्स की खबर की पुष्टी नहीं की है।

    * चीन के रक्षा मंत्रालय के ऑफिशियल स्टेटमैंट में भी ऐसे किसी समझौते का जिर्क नहीं है।

    * यह खबर तब उठी है जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ कमर बाजवा इन दिनों चीन के दौरे पर हैं।

5 जनवरी को क्या छपा था ‘ग्लोबल टाइम्स’ में…

    * भारत अपनी बैलेस्टिक मिसाइल से पूरी दुनिया को कवर करने की क्षमता रखता है।

    * भारत ने लंबी दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल डेवलपमेंट की यूएन की सीमा को तोड़ दिया है।

    * इसके बाद भी भारत परमाणु क्षमता को लेकर संतुष्ट होता नजर नहीं आ रहा है।

    * भारत सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के पांच स्थायी सदस्यों के बराबर आना चाहता है।

    * भारत की जीडीपी चीन की जीडीपी का 20% है और चीन की सैन्य क्षमता भारत से कहीं ज्यादा।

    * चीन भारत से अच्छे संबंध चाहता है लेकिन अगर भारत ने कुछ किया जो शांत नहीं बैठेंगे।

अग्नि मिसाइल में ऐसा क्या, जो बेचैन हो उठा चीन…

    * अग्नि-5 मिसाइल का नाम सुनकर चीन की नींद हमेशा उड़ जाती है।

    * चीनी विशेषज्ञों को लगता है कि अग्नि-5 की मारक क्षमता जितनी बताई जा रही है उससे कहीं अधिक है।

    * चीन का मानना है कि अग्नि 5 की मारक क्षमता 5,500 नहीं बल्कि 8,000 किलोमीटर से ज्यादा है।

    * अग्नि-5 के पहले परिक्षण के बाद चीन के इसी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने ये खबर छापी थी।

    * चीन की पीएलए एकेडमी ऑफ मिलिट्री साइंसेज के शोधकर्ता डू वेनलांग के हवाले से खबर छापी थी।

    * जिसमें कहा गया था कि वास्तव में अग्नि-5 में 8,000 किलोमीटर दूरी तक लक्ष्य भेदने की क्षमता है।

    * पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेशनल डिफेंस विश्वविद्यालय में प्रोफेसर झांग झाओजोंग ने भी कहा था।

    * चीन के मानक के मुताबिक आईसीबीएम की मारक क्षमता कम से कम 8,000 किलोमीटर होनी चाहिए।

मिसाइल ताकत में पाकिस्तान हमारे सामने कहीं नहीं टिकता..

    * भारतीय सेना के पास अग्नि, पृथ्वी, आकाश और नाग जैसी आधुनिक मिसाइलें हैं।

    * यही नहीं भारत के पास ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।

    * जो 5 मिनट में 290 किमी के टारगेट को बर्बाद कर सकती है।

    * इसके अलावा भारत के पास जमीन से हवा में मार करने वाली बराक-8 मिसाइल भी है।

    * बराक-8 मिसाइल 70 किमी के दायरे में किसी भी मिसाइल को हवा में भी नष्ट कर सकती है।

    * भारत ने अग्नि-5 जो सबसे आधुनिक और घातक मिसाइल है, विकसित कर ली है।

    * अग्नि-5 एक इंटर कॉन्टिनेटल बैलिस्टिक मिसाइल है।

    * वहीं पाकिस्तान के पास गौरी, शाहीन, गजनवी, हत्फ और बाबर जैसी मिसाइलें हैं।

    * लेकिन पाकिस्तान के पास जो मिसाइल हैं उनकी तकनीक काफी पुरानी है।

    * पाकिस्तान मिसाइल टेक्नोलॉजी के मामले में चीन पर ज्यादा निर्भर है।

 

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