कोहली बोले: भारत-पाकिस्तान का मैच दूसरे मैचों जैसा ही होता है…

मुंबई। अगले महीने शुरू हो रही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच पर भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को कहा है कि इस मैच को लेकर छाए जुनून पर खिलाड़ियों का कोई नियंत्रण नहीं है। कोहली ने हालांकि यह भी कहा कि वह इस मैच को अन्य मैच की तरह ही लेंगे।

मौजूदा विजेता भारत आठ टीमों के इस टूर्नामेंट में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ ही चार जून को अपने अभियान का आगाज करेगी। कोहली ने इस मैच को बड़ा मैच बताया है।

टीम के इंग्लैंड रवाना होने से पहले संवाददाता सम्मेलन में कोहली ने कहा, “एक क्रिकेट खिलाड़ी होने के नाते हम स्टेडियम के बाहर की चीजों को नियंत्रित नहीं कर सकते। हम जानते हैं कि यह बड़ा मैच है, लेकिन दिमाग में इस मैच को लेकर कोई अंतर नहीं है।”

कोहली ने कहा, “भारत और पाकिस्तान के मैच को लेकर छाया जुनून और बनाया गया वातावरण हमारे नियंत्रण से बाहर है। हमारे लिए यह मैच बाकी मैचों की तरह ही है।”

कोहली ने माना की यह टूर्नामेंट काफी मुश्किल होने वाला है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में हर चुनौती के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि टूर्नामेंट छोटा है और शीर्ष आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं, इसलिए चैम्पियंस ट्रॉफी ज्यादा प्रतिस्पर्धी होगी। हम हर चुनौती के लिए तैयार हैं।”

भारतीय कप्तान ने कहा, “पिछली बार भी हम वहां खेल का आनंद लेने गए थे। इस बार भी हम यही करने की कोशिश करेंगे। हमने टेस्ट और टी-20 में अच्छा प्रदर्शन किया है। हम खेल के तीनों प्रारूपों में यही करना चाहते हैं।”

कोहली ने अपनी टीम को किसी भी तरह के मुगलते में रहने से आगाह भी किया है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती इस बात को दिमाग से निकाल फेंकना है कि हम मौजूदा विजेता हैं।” 

टूर्नामेंट में टीम किस मानसिकता के साथ उतर रही है इस पर कोहली ने कहा, “पिछली चैम्पियंस ट्रॉफी ने हमें रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी ढूढ़ने में मदद की थी। स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन आश्चर्यजनक था।”

उन्होंने कहा, “आपको हालात के हिसाब से खेलना होता है। अगर महेंद्र सिंह धौनी और युवराज सिंह खुलकर अपना खेल खेलते हैं तो इससे टीम का मनोबल बढ़ेगा। यही इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई श्रृंखला में देखा गया था।”

कोहली ने कहा कि 13 टेस्ट मैचों के घरेलू सत्र में उन्होंने अपनी आक्रामकता को काबू करने के अलावा काफी कुछ सीखा।

कोहली ने कहा, “हमारा जिस तरह का सत्र रहा, यह आपको सीखाता है कि आपको किस तरह की मानसिकता के साथ उतरना चाहिए। मैंने सीखा है कि आपको किस तरह अपनी आक्रामकता को काबू करना चाहिए क्योंकि इसके साथ ही आपको खेलना है। इसने मुझे अपनी काबिलियत के बूते खेलना सिखाया है। एक कप्तान के तौर पर भी मैंने काफी कुछ सीखा।”

उन्होंने कहा, “मैं किसी चीज से छुटकारा पाने के लिए नहीं खेलूंगा। मैं नहीं जानता कि उप-महाद्वीप के खिलाड़ियों के लिए चीजें जीवन और मौत की तरह क्यों बन जाती हैं। मैं टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने में विश्वास रखता हूं, चाहे मैं कहीं भी खेलूं और किसी भी टीम के खिलाफ खेलूं।”

कोहली से जब पूछा गया कि क्या हाल ही में खत्म हुई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का अनुभव खिलाड़ियों को मदद करेगा। इस पर कोहली ने कहा, “मैं नहीं समझता की टी-20 और एकदिवसीय में कोई समानता है। आईपीएल ने हमारे खिलाड़ियों को मैच फीट रखने में मदद की है।”

चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत को ग्रुप-बी में दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ रखा गया है। ग्रुप-ए में आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश शामिल हैं।

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