भारत से दोस्ती और बातचीत करना चाहते हैं पाकिस्तान के सेना प्रमुख

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ये मानते हैं कि भारत के साथ शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए सैन्य सहयोग जरूरी है। ब्रिटेन के थिंक टैंक रॉयल यूनाइट्स सर्विसेज इंस्टिट्यूट ने अपनी ऐनालिटिकल रिपोर्ट में यह बात कही है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा पहला मौका था जब बीते महीने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने भारत के सैन्य अताशे संजय विश्वराव और उनकी टीम को पाकिस्तान दिवस के मौके पर इस्लामाबाद में आयोजित परेड में शामिल हुए थे। इतना ही नहीं, इसके दो सप्ताह बाद पाक सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान सेना भारत के साथ शांति और बातचीत करना चाहती है।

सुलह करने के प्रयास

हालांकि दोनों देशों के बीच सुलह की यह पहल अप्रत्याशित है। सितंबर महीने में रूस में आयोजित होने वाले सैन्य अभ्यास में भी दोनों देश हिस्सा ले सकते हैं, जिसमें चीन की भी भागीदारी होगी। रिपोर्ट में यह दावा किया गया है, ‘कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर दोनों देशों के बीच फायरिंग की घटनाओं के बाद यह प्रयास तेज हुए हैं।’ बता दें कि पिछले साल रॉयल यूनाइट्स सर्विसेज इंस्टिट्यूट से बातचीत करते हुए पाक सेना प्रमुख ने कहा था कि हम चीन-पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर में भारत की सहभागिता का स्वागत करेंगे।

बाजवा के सेना प्रमुख बनने के बाद पाक सेना में दिखा बदलाव 

रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2016 में बाजवा के सेना प्रमुख का पद संभालने के बाद से पाकिस्तान सेना के रवैये में बदलाव देखा गया है। भारत में कई पक्षों ने पाकिस्तान मिलिट्री के इस रवैये का स्वागत किया है क्योंकि वे मानते हैं कि यदि पाक सेना ऐसा कहती है तो वह इस फैसले को लागू भी करा सकती है। भारत के साथ पाक की हाल ही में हुई डीजीएमओ लेवल की मीटिंग में भी इस पर बात हुई थी। इस बैठक में पाक के सीनियर अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल आमिर रियाज ने हिस्सा लिया था।

पड़ोसी से दुश्मनी ठीक नहीं…

इस रिपोर्ट में कहा गया कि एक अन्य पाक अधिकारी मेजर जनरल अहमद हयात ने 2013 में कथित तौर पर एक इंडिया प्लान लिखा था, जिसमें यह बताने की कोशिश की गई थी कि कब और कैसे पाकिस्तान को भारत से बातचीत करने का प्रयास करना चाहिए। जनरल हयात ने कहा था कि पाक सेना को भारत से तब बात करनी चाहिए, जब उसकी रक्षा कूटनीति मजबूत हो और किसी भी तरह के अमेरिकी दबाव से मुक्त हो। उन्होंने कहा, ‘यह बात सही है कि आप अपने ऐसे पड़ोसी से हमेशा दुश्मनी की स्थिति में नहीं रह सकते, जो साइज में आप से छह गुना बड़ा हो। लेकिन संकेत तो सही होने चाहिए।’

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