भारी बारिश के बाद बिहार में अप्रत्याशित बाढ़, इस सैलाब ने रोकी शादी

बिहार का पूर्णिया बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है. लाखों लोग बाढ़ की चपेट में हैं और जन जीवन पूरी तरह प्रभावित है. बाढ़ के बीच नुसरत की शादी नहीं हो पाई. पूर्णिया के वायसी प्रखंड के हिजला गांव में आज तक की टीम एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम तक पहुंची तो उस गांव में पंडाल सजा हुआ दिखाई दिया. लेकिन आधा पंडाल पानी में डूबा हुआ था.भारी बारिश के बाद बिहार में अप्रत्याशित बाढ़, इस सैलाब ने रोकी शादीक्या आप जानते हैं आजादी के ठीक बाद के हालात…नहीं, तो यहाँ पढ़ें गांधीजी की लिखी इस चिट्ठी को…

पंडाल के सामने बाढ़ के पानी में खड़े हुए लोगों ने कहा कि रविवार को नुसरत की बारात आनेवाली थी, लेकिन बाढ़ की वजह से बारात ही नहीं पहुंच पाई. उन्होंने कहा कि शादी की सारी तैयारियां हो चुकी हैं, मेहमान भी आ गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से दूल्हे के घर में भी बाढ़ ने दस्तक दे दी. नतीजा ये हुआ कि बारात नहीं आई और शादी भी नहीं हो पाई.

बिहार में अप्रत्याशित बाढ़

बिहार समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात बने हुए हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा जिलों में आई अप्रत्याशित बाढ़ से मुकाबला करने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार पूरी तरह से कोशिश कर रही है. इस बार पूर्वी बिहार के अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में काफी वर्षों के बाद इस तरह की बाढ़ आई है कि शहरों तक में पानी भर गया है. कटिहार में राहत एवं बचाव के लिए सेना की मदद ली जा रही है.

हालात पर सरकार की नजर 

उन्होंने कहा कि उत्तर बिहार सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी समेत कई जिले बाढ़ में घिर गए हैं. बाढ़ में घिरे लोगों के बचाव और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सेना के सात कॉलम के साथ ही एनडीआरफ की 22 और एसडीआरएफ की 13 टीम लगाई गईं हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के गृहमंत्री और रक्षामंत्री राज्य सरकार के सतत सम्पर्क में रहकर पल-पल की खबर ले रहे हैं.

हर संभव सहायता की कोशिश

बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ ही उनके बीच फूड पैकेट, पॉलिथीन शीट आदि के वितरण का प्रयास किया जा रहा है. बाढ़ प्रभावित जिलों के सभी पदाधिकारियों, कर्मियों व डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. उन्हें बचाव कार्य में लगने का राज्य सरकार की ओर से निर्देश दिया गया है. राज्य सरकार केन्द्र सरकार, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता पहुंचाने में दिन-रात लगी हुई है.

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